Published On : Wed, Sep 20th, 2017

रायन मर्डरः पिंटो फैमिली को हाईकोर्ट से झटका, गिरफ्तारी पर रोक की अर्जी खारिज

चंडीगढ़. रायन इंटरनेशनल स्कूल मर्डर केस में पिंटो परिवार को झटका लगा है. पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने पिंटो परिवार की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी है. हाई कोर्ट ने रायन पिंटो, ग्रेस पिंटो और फ्रांसिस पिंटो की गिरफ्तारी पर किसी तरह की रोक लगाने से इनकार कर दिया है. हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर इस मामले पर जवाब भी मांगा है. प्रद्युम्न के वकीलों ने बताया कि अगली सुनवाई सोमवार को होगी. कोर्ट ने इसे गंभीर मामला माना है और सभी पक्षों की बात सुने बिना उसने कोई फैसले लेने से इनकार किया है.

मंगलवार को ही पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश ए बी चौधरी ने अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया था. इसके बाद, सुनवाई के लिए यह मामला हाई कोर्ट की पृथक पीठ के समक्ष भेजा गया था. ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रायन पिंटो, उनके पिता एवं संस्थापक अध्यक्ष आगस्टिन पिंटो और उनकी मां एवं समूह की प्रबंध निदेशक ग्रेस पिंटो ने अग्रिम जमानत का अनुरोध करते हुए पिछले हफ्ते हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. यह अग्रिम जमानत याचिका सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति चौधरी की पीठ के समक्ष आई और उन्होंने इस याचिका की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया.

रेयान न्यासियों के वकील अर्शदीप सिंह चीमा ने कहा, ‘इस मामले को सुनवाई के लिए किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है.’ अग्रिम जमानत याचिका 16 सितंबर को हाई कोर्ट रजिस्ट्री में दायर की गई थी लेकिन मामले में अदालत रजिस्ट्री द्वारा जताई गईं कुछ आपत्तियों को हटाए जाने के बाद इसे फिर से दायर किया गया था. बंबई हाई कोर्ट ने बच्चे की हत्या के संबंध में रायान समूह के तीनों न्यासियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं 14 सितंबर को खारिज कर दी थीं.

7 वर्षीय प्रद्युमन की हत्या के मामले में स्कूल पर लापरवाही का आरोप लगाया गया था. इसके बाद मुंबई में रहने वाले पिंटो परिवार ने गिरफ्तारी की आशंका के कारण बंबई हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. स्कूल के कक्षा दो के छात्र प्रद्युमन की आठ सितंबर को स्कूल के शौचालय में गला रेत कर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में स्कूल बस के कंडक्टर अशोक कुमार को गिरफ्तार किया गया है.