Published On : Sat, Jan 11th, 2020

पिछली सरकार के लाभार्थियों के बिल सरकारी महकमों के लिए बने सरदर्द

Advertisement

नई सरकार का जारी प्रकल्पों के समीक्षा के फतवे से भाजपा-आरएसएस समर्थकों में हड़कंप

नागपुर : राज्य की पिछली सरकार ने कार्यकाल में भाजपा-आरएसएस के खासमखासों को लाभ पहुँचाने के लिए जो काम सरकार कर सकती थी,वैसे काम भी निजी हाथों में दिया गया.इनका कार्यकाल ख़त्म होते ही नई तिकड़ी सरकार ने पिछली सरकार के लाभार्थियों द्वारा संचालित प्रकल्पों की समीक्षा का फ़तवा जारी करते ही ,उनमें हड़कंप मच गया और अबतक का बकाया भुगतान प्राप्ति के लिए सम्बंधित विभागों में बिल प्रस्तुत कर भुगतान करने का दबाव बनाया जा रहा.

याद रहे कि राज्य में पिछली भाजपा सरकार वर्ष १९९५ के बाद विराजमान हुई थी.इस भाजपा सरकार ने युति गठबंधन के साथी सेना को दरकिनार कर भाजपा से सम्बंधित संगठनों और उनके महत्वपूर्ण लोगों को लाभ पहुँचाने के लिए भाजपा सरकार ने अमूमन सभी विभागों के बहुतेक कार्यों का निजीकरण कर दिया।जिसे नए नए नाम देकर इनको प्रकल्प का रूप देकर ‘सिस्टम’ में बैठकर अपने-अपनों को बिंदास वितरित किये।जबकि यह सभी काम सम्बंधित विभागों द्वारा पूर्ण ही नहीं किये जाते थे,बल्कि खर्च भी कम होते थे.अब जबकि ये काम अपने-अपने लाभार्थी साथियों में वितरित किये गए तो उन्हें भरपूर लाभ पहुँचाने के चक्कर में कार्यों पर हो रही तय खर्चों को गुणवत्तापूर्ण करने का झांसा देकर प्रकल्पों की वार्षिक खर्च डेढ़ से दोगुणी कर दिए थे.
दूसरी ओर उक्त लाभार्थी संस्थानों/संस्थाओं ने अत्यधिक लाभ के चक्कर में गुणवत्ता सुधारने के बजाय निम्न ही नहीं बल्कि एकतरफा चलते रहे,कारण जिम्मेदार प्रशासन के ऊपर भाजपा सरकार का दबाव था.

अचानक भाजपा सरकार का कार्यकाल उनकी अड़ियल नित के चक्कर में ख़त्म हो जाने और नई त्रिपक्षीय सरकार के पिछली सरकार के नियुक्त सभी पदाधिकारियों की छुट्टी सह उनके कार्यकाल के शुरू प्रकल्पों की समीक्षा और गैरजिम्मेदाराना व्यवहार दिखने पर बेदखल का फतवा जारी होने से उनमें हड़कंप सा मच गया.

Advertisement

इन भाजपा के लाभार्थी संगठनों ने अपनी लुटिया डूबने की भनक लगते ही अबतक के बकाया राशि की प्राप्ति के मुहीम में जुटे देखे गए.पिछले एक माह से प्रकल्पों पर ध्यान कम और बिलों को तैयार करने में ज्यादा मग्न दिखें।इसमें फर्जी बिल की संभावना से नाकारा नहीं जा सकता।

इसका असर सम्बंधित विभागों और उनके सम्बंधित सह मुख्य अधिकारियों के मेज पर देखने को मिल सकता हैं.इन सम्बंधित अधिकारियों पर भाजपा की ओर से बकाया भुगतान करवाने के लिए सतत दबाव भी पिछले १ माह से बनाया जा रहा क्यूंकि नई त्रिपक्षीय सरकार आपसी रस्साकशी में लीन हैं,इसलिए उन्हें अपने-अपने सम्बंधित विभाग और उन विभागों की समीक्षा करने का समय नहीं मिल रहा.
नई सरकार के मंत्रियों ने समय रहते उक्त मसले पर ध्यान नहीं दिया तो,वह दिन दूर नहीं जब उन्हें २०२०-२१ के बजट के पहले खुद के विभाग का बजट हिलता नज़र आ जाएगा,तब सर धुनने के अलावा कुछ नहीं रह जाएगा।

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.