Published On : Mon, May 8th, 2017

हंजर की कार्यप्रणाली को लेकर बैकफुट पर नजर आया सत्ता पक्ष

NMC Nagpur
नागपुर:
मनपा की सोमवार को हुई आम बैठक में निर्दलीय नगरसेविका आभा पांडे ने सत्तापक्ष पर जमकर हमला बोला। भांडेवाड़ी डम्पिंग यार्ड में घन कचरा व्यवस्थापन करनेवाली कम्पनी ‘हंजर’ की कार्यप्रणाली और मनपा द्वारा बरती जानेवाली नरमी को लेकर सत्ता पक्ष को कटघरे में खड़ा कर दिया।

सवालों के जवाब देने में असमर्थ पाए जाने पर सदन की कार्यवाही को स्थगित करने का आदेश महापौर को देना पड़ा। आभा ने सदन में सवाल किया कि हंजर कम्पनी 15.04.2009 से कार्यरत है। प्रतिदिन 600 मीट्रिक टन घनकचरे के अलावा पुराने 200 मीट्रिक टन घन कचरे पर प्रक्रिया करने का उसने करार किया गया था। लेकिन अपने किए करार के अनुरूप कार्य ना करने पर उस पर 50 हजार रुपए प्रति दिन के हिसाब से 5.40 करोड़ रुपए का दंड वसूलने का आदेश भी दिया गया था। लेकिन दंड वसूलना तो दूर मनपा ने कम्पनी के 67 हजार रुपए का बिजली का बिल भुगतान कर दिया। जबकि बिजली, पानी और रखरखाव का जिम्मा करारनामें के अनुसार कम्पनी पर ही था। वहीं 2009 से 2017 तक मनपा की एक पोकलेन मशीन भी कम्पनी के अख्तियार में रही।

मनपा जुर्माने के तौर पर हंजर से केवल 1.64 करोड़ रुपए का दावा करती है। आभा ने सदन में सवाल करते हुए पूछा कि एनजीटी ने घन कचरा व्यवस्थान में अनदेखी को लेकर मनपा और हंजर प्रत्येक पर 20 लाख रुपए का दंड वसूलने का आदेश दिया था। फिर क्यों मनपा ने अपने हिस्से का दंड भरा जबकि कम्पनी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर मामले पर स्टे पा लिया। आभा पांडे ने मनपा की इस कार्यप्रणाली को जनता का नुकसान करार दिया।