Published On : Fri, Nov 11th, 2016

सरकार के फैसले का मनपा को फायदा, एक दिन में करोडो की कर वसूली का बना रिकॉर्ड

NMC
नागपुर:
500 और हजार के नोट बंद हो जाने से आम आदमी भले परेशान हो पर इस फैसले ने नागपुर महानगरपालिका को मालामाल कर दिया है। एक ही दिन में मनपा को कर वसूली की जो रकम प्राप्त हुयी है वह अपने आप में रिकॉर्ड बन गया है। आज दिन भर में मनपा को संपत्ति कर के रूप में शाम 5 बजे तक करीब 4 करोड़ 56 लाख रूपए जमा हुए है। इसके अलावा बाजार विभाग को कर वसूली के रूप में करीब चालीस लाख रूपए हासिल हुए है। मनपा के इतिहास में शायद ही कभी एक दिन में कभी इतनी रकम कर वसूली के रूप में जमा हुई हो। जो मनपा कर वसूली के लिए दरदर दस्तक और खास अभियान चलती थी। पर आज खुद लोग मनपा के पास पहुँचकर कर का भुगतान कर रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा 500 और हजार के नोट बंद किये जाने का फैसला लिए जाने के बाद मनपा ने गुरुवार से विभिन्न टैक्स और पानी बिल का भुगतान लिए जाने का फैसला लिया था। इस फैसले के बाद गुरुवार को मनपा को करीब 38 लाख रूपए विभिन्न करो के भुगतान के रूप में हासिल हुए थे। जबकि आज अकड़ा शाम 5 बजे तक ही पाँच करोड़ तक पहुँच गया।

कर के भुगतान के रूप में 500 और 1000 की नोट स्वीकार करने के लिए शुक्रवार रात 12 बजे तक का वक्त निर्धारित किया है। कर वसूली के लिए मनपा ने अपने सभी जोन कार्यलयों में कर संकलन काउंटर खुला रखने का फ़ैसला भी लिया। मनपा के कर संकलन विभाग प्रमुख मिलिंद मेश्राम ने रात 12 बजे तक कर वसूली का अकड़ा 10 हजार तक पहुँच जाने अंदेशा व्यक्त किया है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया की शाम 5 बजे तक जमा अधिकांश 90% नोट 500 और 1000 रूपए के है । आज मनपा को जो कर का भुगतान प्राप्त हुआ है वह अधिकांश वर्षो बकाया था। केंद्र सरकार के फैसले की वजह से मनपा द्वारा लिए गए फैसले का फायदा लेते हुए गांधीबाग जोन अंतर्गत निकालस मंदिर के समीप रहने वाले अवंति कुमार कोठारी ने वर्ष 2008 से वर्ष 2017 तक का संपत्ति कर 1.81 लाख रूपए जमा किया कोठारी ने जो नोट जमा कराये वो सभी 500 के थे। मेश्राम के अनुसार सबसे ज्यादा कर लक्ष्मी नगर ज़ोन से प्राप्त हुआ। कर संकलन के लिए मनपा ने 35 अतिरिक्त काउंटर शुरू किय है। आम तौर पर रोजाना बाजार विभाग के कर संकलन का टारगेट 4.36 लाख रूपए है, लेकिन आज शाम 5 बजे तकलगभग 35 लाख रूपए जमा हुए।

500 और 1000 के नोट अचानक बंद हो जाने के बाद हलकान जनता अपने पास रखी नोट का इस्तेमाल विभिन्न तरीको से कर रही है। जिसका फायदा सीधे तौर पर मनपा को हुआ। लोगो ने मौजूद कर के साथ पुराना बकाया भी जमा कराया। सरकार के इस फैसले से मनपा एक मालामाल हो गई।

– राजीव रंजन कुशवाहा