Published On : Wed, Nov 14th, 2018

आरपीएफ ने रेल आरक्षण ई-टिकट की कालाबाजारी करनेवाले आरोपी को पकड़ा

टिकट दलाल के पास से करीब 90 हजार रुपए की 57 रेल आरक्षण ई-टिकट की जब्त

नागपुर : रेलवे की टिकटों की कालाबाज़ारी थमने का नाम नहीं ले रही है. आरपीएफ की साझा कार्रवाई में एक दलाल के पास से 90 हजार रुपए की 57 रेल आरक्षण ई-टिकटें जब्त की गईं.

मिली जानकारी के मुताबिक वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, आर.पी.एफ नागपुर ज्योति कुमार सतीजा, मंडल सुरक्षा आयुक्त आर.पी.एफ नागपुर एस.ई.सी.आर आशुतोष पान्डेय के निर्देशन व मार्गदर्शन में गठित टीम ने उमरेड शहर पुलिस को पत्र देकर उनकी सहायता से उमरेड में श्रीकृष्ण बैंक के पास स्थित दुकान में छापा मारा. जिसमें दुकान में बैठी महिला कर्मचारी से पूछताछ करने पर उसके बताया गया कि दुकान का मालिक शशिकांत बिन्देश्वरी कुशवाह है जिसके कहने पर वह रेल आरक्षण ई-टिकट निकालती है. उसने रेल आरक्षण ई-टिकट की कालाबाजारी से खुद को अनजान बताया.

इसके बाद स्टाफ द्वारा दुकान के मालिक को दुकान में बुलाया गया. पंचों की मौजूदगी में दुकान पर रखे 2 काॅम्प्युटर सिस्टम की सहायता से आई.आर.सी.टी.सी के लायसेंस के अलावा अलग-अलग नाम की 12 फेक आई.डी को खोलकर कुल 25 लाईव रेल आरक्षण ई-टिकटें पाईं.

इन टिकटों की कुल कीमत 38,463 रुपए पाई गई, इनकी प्रिंट निकाली गई. जिसके संबंध में गहनता से पुछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि आई.आर.सी.टी.सी के लायसेंस की आड़ में अपने तथा अलग-अलग नाम की 12 फेक आई.डी की सहायता से यात्रियों की मांग पर रेल आरक्षण ई-टिकट निकालता है. इसके बदले किराए के साथ हर टिकट पर यात्रियों से 200 से 300 रुपए प्रति व्यक्ति कमिशन के तौर पर लेता है.

पकड़े गए व्यक्ति द्वारा रेल आरक्षण ई-टिकटों की कालाबाजारी करने का गुनाह स्वेच्छापूर्वक कबूल करने पर सहायक उपनिरीक्षक सीताराम जाट द्वारा स्टाफ की सहायता से कम्प्युटर की सहायता से 12 फेक आई.डी बनाकर आरोपी द्वारा अवैध तरीके से कुल 32 नग रेल आरक्षण ई-टिकीट जिसकी कीमत 50,766 रुपये तथा 2 काॅम्प्युटर सिस्टम, दो डोंगल, एक प्रिन्टर की कीमत 70 हजार रुपए तथा आरोपी का एक मोबाईल और आरोपी के पास से नगद 30,550 रुपए ऐसा कुल 57 नग रेल आरक्षण ई-टिकट बरामद किया गया.

जप्त के सामानों की कुल कीमत 1,99,550 रुपए बताई जा रही है. कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक सीताराम जाट, प्रधान आरक्षक के. के. कदम, आरक्षक अश्विन पवार, आरक्षक विकास शर्मा, आरक्षक सचिन जाधव, आरक्षक अमित बारपात्रे, तथा आरक्षक प्रदीप गाढवे (एस.ई.सी.आर/नागपुर) शामिल थे.