Published On : Mon, Oct 9th, 2017

रेरा में फर्जी जानकारी देकर धोखा नहीं दे पाएंगे बिल्डर्स

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गाजियाबाद: रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने गाजियाबाद जिले के एक लाख से अधिक बायर्स को बिल्डर्स के धोखे से बचाने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत रेरा की वेबसाइट पर बिल्डर की तरफ से अपने प्रॉजेक्ट के बारे में दी गई सभी जानकारियों की स्क्रूटनी करवाई जाएगी। स्क्रूटनी का कार्य 10 अक्टूबर से लखनऊ में शुरू होगा। पहले चरण में प्रदेश के सात प्राधिकरण के अधिकारियों को स्क्रूटनी के लिए लखनऊ बुलाया गया है। एक प्राधिकरण को स्क्रूटनी के लिए अधिकतम 10 दिन का समय दिया गया है।

जानकारी का होगा मिलान
स्क्रूटनी के दौरान प्राधिकरण के अधिकारी रेरा की वेबसाइट पर बिल्डर की तरफ से प्रॉजेक्ट के बारे में अपलोड की गई डिटेल को नक्शा पास करवाते समय दी गई डिटेल के साथ मिलान करेंगे। इस दौरान अगर दी गई जानकारी का मिलान हो जाएगा तो प्रॉजेक्ट को ओके कर दिया जाएगा। वहीं, अगर जानकारी गलत निकली तो बिल्डर्स को जानकारी दुरुस्त करने के लिए मेल किया जाएगा। इसके लिए उसे एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। यदि एक सप्ताह के भीतर वेबसाइट पर दी गई जानकारी को ठीक नहीं किया गया तो बिल्डर्स के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बिल्डर्स में मचा हड़कंप
प्रॉजेक्ट डिटेल की स्क्रूटनी किए जाने की सूचना बिल्डर्स तक भी पहुंच चुकी है। ऐसे में बिल्डर्स में हड़कंप मचा हुआ है। उन्हें डर है कि अगर दोनों जगह दी गई डिटेल मैच नहीं हुई तो दिक्कत बढ़ सकती है। हालांकि एक सप्ताह का समय मिलने की बात से थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं। ऐसे में ज्यादातर बिल्डर वेबसाइट पर सबमिट डिटेल को चेक करने में जुट गए हैं। उन्हें पता है कि गलत जानकारी को अगर दुरुस्त किया जाता है तो बायर्स के प्रति उनकी जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। प्रॉजेक्ट को समय से पूरा करके बायर्स को पजेशन देना बेहद जरूरी होगा। देरी होने पर रेरा के तहत बायर्स की ओर से शिकायतें बढ़ जाएंगी।

245 प्रॉजेक्ट हुए रजिस्टर्ड
रेरा के तहत गाजियाबाद में 245 प्रॉजेक्ट को रजिस्टर्ड करवाया गया है। जबकि जीडीए ने अपने खुद के 13 प्रॉजेक्ट को रेरा के तहत रजिस्टर्ड करवाया है। अधिकारियों के मुताबिक, 245 प्रॉजेक्ट में से करीब दस फीसदी प्रॉजेक्ट में गलत सूचनाओं को अपलोड किया गया है। स्क्रूटनी के दौरान ऐसे सभी प्रॉजेक्ट की फर्जी डिटेल का खुलासा होगा। स्क्रूटनी से जिले के एक लाख से अधिक बायर्स को फायदा मिलने वाला है। स्क्रूटनी से गाजियाबाद के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, आगरा, कानपुर और इलाहाबाद प्राधिकरण के भी लाखों बायर्स को फायदा होगा।

बायर्स खा सकते हैं धोखा
रेरा को आशंका है कि बिल्डर्स ने प्रॉजेक्ट की फर्जी और अधूरी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड की है। ऐसे में बायर्स धोखा खा सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि बिल्डर्स ने 2012 में प्रॉजेक्ट शुरू किया है लेकिन रेरा की वेबसाइट पर इसे 2017 बता दिया गया है। ऐसे में बायर्स के पास प्रॉजेक्ट के कंप्लीट होने की सही जानकारी नहीं होगी। इसी के चलते प्रॉजेक्ट डिटेल की स्क्रूटनी किए जाने की योजना बनाई गई है।

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