Published On : Mon, Jan 19th, 2015

अकोला : यातायात में बाधक धार्मिक स्थल ही हटेंगे


विधायक बाजोरिया के आवास पर हुई सर्वदलीय पार्षदों की बैठक में प्रशासन से चर्चा

अकोला । सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद अकोला महापालिका की ओर से शहर के लगभग 500 धार्मिक स्थलों को मनपा ने नोटिस देकर हटाने की पूर्व सूचना दी है. इस नोटिस के कारण मची खलबली के बीच आज विधायक गोपीकिशन बाजोरिया के आवास पर मनपा के सर्वदलीय पार्षदों की बैठक हुई जिसमें प्रशासन की ओर से उपस्थित उपायुक्त दयानंद चिंचोलीकर ने धार्मिक स्थलों को हटाने के शासनादेश एवं मनपा की सम्बंधित कार्रवाई का ब्यौरा दिया. विधायक बाजोरिया ने सुझाया कि जिन धार्मिक स्थलों के कारण यातायात में बाधा आती है, आरंभ में ऐसे ही धार्मिक स्थल हटाए जाएं. अधिकांश पार्षदों की भी यही मांग थी जिसे देखते हुए मनपा प्रशासन ने भी पहले चरण में यातायात में बाधक धार्मिक स्थल ही हटाने का आश्वासन दिया.

धार्मिक स्थलों को हटाने की नोटिस के बाद शहर की आबोहवा खराब न हो इसलिए विधायक बाजोरिया के आवास पर उन्हींके नेतृत्व में सर्व दलीय पार्षदों की बैठक शनिवार सायंकाल ली गई. जिसमें उपमहापौर विनोद मापारी, विपक्ष नेता साजीद खान पठाण, मनपा उपायुक्त दयानंद चिंचोलीकर, शिवसेना के निवासी उपजिला प्रमुख राजेश मिश्रा, पार्षद सुनील मेश्राम, दिलीप देशमुख, हाजी रफीक सिद्दीकी, अविनाश देशमुख, उषा, अजय शर्मा, योगेश गोतमारे, सतीष ढगे, मंजुषा शेलके, राजू मुलचंदानी, सुभाष म्हैसने, अरूणा सिरसाट, पंकज गावंडे, विलास शेलके, इब्राहिम शेख, निलेश देव, अफसर कुरेशी, आनंद बलोदे, फरीद पहेलवान, राजेश्वरी शर्मा, राहुल देशमुख, गणेश पावसाले, नौशाद, शरद तुरकर, बाल टाले, देवराव अहिर, किशोर मानवटकर, मो. फैयाज समेत पार्षद उपस्थित थे.

बैठक में इस बात पर चर्चा हुई की आगामी 19 या 20 जनवरी से धार्मिक स्थल हटाए जाएंगे, शहर के अधिकांश रास्तो पर खडे किए गए धार्मिक स्थल हटाए जाएंगे. शहर के अधिकांश रास्तों पर खडे किए गए धार्मिक स्थलों को मनपा या धर्मादाय आयुक्त की अनुमति नहीं है. प्रशासन की इस जानकारी के बाद विधायक बाजोरिया ने बीच का रास्ता निकालते हुए कहा कि नीजि स्थानों को छोडकर शासकीय भूमि, रास्ते के किनारे या सार्वजनिक स्थान पर बनाए गए धार्मिक स्थल पर बनाए गए धार्मिक स्थल हटाने के शासन के आदेश है. जिन्हें देखते हुए 15 जनवरी को 381 तथा 16 जनवरी को 118 धार्मिक स्थलों को नोटिस दी गई. जिसमें रास्ते के किनारे बने धार्मिक स्थान, चौराहे, शासकीय भूखंड पर ब्ने मंदिर, मस्जिद, बुद्ध विहार, दरगाह का समावेश है.

विधायक बाजोरिया ने सुझाव दिया कि जिन धार्मिक स्थलों से नागरिकों को कोई परेशानी नहीं है ऐसे धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई न की जाए अथवा नागरिक यदि ऐसे धार्मिक स्थल अपने से हटा ले तो महापालिका बेवजह दबाव बनाकर अतिक्रमण कार्रवाई न करे. पार्षद भी मनपा को सहकार्य करे ऐसी अपील भी उन्होंने की .

अब तक 625

अवैध धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों को मनपा प्रशासन का नोटिस निर्माण में पहल करने वालों की जान सांसत में.

दिनों में शहर के 625 से अधिक प्रार्थना स्थलों के प्रबंधकों को नोटिस जारी किए हैं. 103 प्रार्थना स्थलों के प्रबंधकों ने महानगर पालिका में अपने दस्तावेज पेश किए हैं. आगामी एक या दो दिनों में जिला प्रशासन की ओर से सन् 2009 के बाद स्थापित किए गए प्रार्थना स्थलों की सूची घोषित की जाएगी. एक माह की अवधि में इन धार्मिक स्थलों को हटाने का निर्देष दिया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर महानगर पालिका के उपायुक्त दयानंद चिंचोलीकर ने शहर के 625 से अधिक धार्मिक स्थलों को नोटिस जारी कर उनके दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए थे. शहर के पूर्व जोन से 115 नोटिस जारी किए. जिसमें से 32 धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों ने अपने दस्तावेज पेश किए, पश्चिम जोन में 179 नोटिस जारी किए तो 29 लोगों ने दस्तावेज पेश किए, दक्षिण जोन में 199 नोटिस जारी किए, जिसमें से 30 ने दस्तावेज पेश किए. वहीं उत्तर जोन कार्यालय में 132 नोटिस जारी किए गए. जिसमें से 12 लोगों ने अपने दस्तावेज जमा कराए, सोमवार और मंगलवार को धार्मिक स्थलों के दस्तावेज पेश करनेवालों की तादाद बढ सकती है.

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