Published On : Wed, Apr 29th, 2020

RBI ने जारी किए 50 बैंक चोरो के नाम : डॉ. घपेश ढवळे

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नागपूर– भारतीय रिझर्व बँक (RBI) ने पुछे गये सूचना के तहत जवाब मे कहा है कि रिजर्व बैंक से 30 सितंबर 2019 को 50 बडे डिफॉल्टेरो का कर्ज पट्टे खाते मे डाल दिया है. सरकार ने पिछले 7 महीनो से इन बातो को सबसे छूपाये रखा था. ” ना खाऊंगा ना खाने दुंगा ” वाली सरकार ने बँको मे जान बुजकर कर्ज न चुकाने वाले मेहुल चोकसी, बाबा रामदेव, निरव मोदी, जतीन मेहता, विजय माल्या,वीलसन, डायमंड, रोटोमेक्स समेत 50 डिफॉल्टर का 68,607 करोड का कर्ज माफ किया . रिझर्व बैंक ने ‘ राईट ऑफ कि बात स्विकार की है . टॉप वेलफुल डिफॉल्टर जिसमें आईटी ,बुनियादी ढाचे,बिजली, सोने-हिरे के आभूषण, फॉर्म ,रीयल इस्टेट, इस्पात, समेत अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्र से जुडे हुए लोग है .

राहुल गांधी ने 16 मार्च को लोकसभा के सदन में सवाल पूंछा था, की देश के सबसे बडे 50 बँक चोरो के नाम बताइये . तब वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन ने जवाब देने से मना कर दिया था. अब इन सभी के नाम RBI ने लीस्ट मे डाले हैं. सोचनेवाली बात ये हैं, की ये सभी डिफॉल्टर बैंक चोर मोदीजी के मित्रों की लिस्ट में सबसे ऊपर आते है . इसलिये संसद मे इन के नाम छुपाऐ गए थे. ऐसा आरोप कांग्रेस के सुरजेवाला ने लगाया है.

बँको के लोन को राईट ऑफ यांनी बट्टे खाते मे डाले जाने को कर्जमाफी बताते हुए सुरजेवाला ने कहा एनडीए सरकार की जनधन योजना के तहत भगोडे डिफॉल्टर मेहुल चोकसी की कंपनी गीतांजली जेम्स गेल इंडिया, नक्षत्रा ,का सबसे ज्यादा 5492 करोड रुपये कर्ज माफ हुआ, दुसरे नंबर पर गुजरात के पालनपुर के एक और भगोडे जौहरी जतीन मेहता की कंपनी विल्सन डायमंड फोरेवर ज्वेलरी जिसका 6038 करोड रुपये का लोन माफ किया गया. पंजाब की क्रुड फार्मा 2236 , बाबा रामदेव की कंपनी रूचि सोया इंडस्ट्रीज 2212 करोड, विजय माल्या की किंगफिशर एअरलाईन्स लिमिटेड 1942, हरिश मेहता की फोरेवर ज्वेलरी अँड डायमंड 1962 करोड, साथ में रोटोमॅक्स समेत देश की ऐसे 50 बडी कंपनीयो के डिफॉल्टरो का कर्ज माफ किया गया.

भारत में किसान आत्महत्या 1990 के बाद पैदा हुई स्थिती हैं. जिसमे प्रति वर्ष 10 हजार से अधिक किसानो के द्वारा आत्महत्या की रिपोर्ट दर्ज की जाती है. 1997 से 2016 के बीच 1,66,304 किसानो ने आत्महत्या की है. लोकसभा में सरकार की और से बताया गया यह आंकड़ा है. अब सरकार के पास 2015 के बाद का डेटा नही है. नॅशनल क्राईम रिकॉर्ड ब्युरो (NCRB ) को अभी कुछ राज्य से डेटा प्राप्त करना बाकी है. 2016 में भारत में 6,351 किसानी खेती करने वालों ने खुदकु शी की है. यांनी हर रोज 17 किसानो ने खुदकुशी की है. 2016 से 2019 तक अपराध रिकॉर्ड वालो ने कोई रिपोर्ट प्रकाशित नही की है.

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ग्रामीण विकास बँक 2017 -18 की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 5 साल मे कृषिकर्ज 61 फीसदी बढ़कर 11.79 लाख करोड रुपये तक पहुँच गया . वर्ष 2013 -14 मे कुल कर्ज 7.30 लाख करोड रुपये था . इस रिपोर्ट मे बताया गया था की, भारत मे 10.07 करोड किसानों मे से 52.5 फीसदी किसान भारी कर्ज मे डूबा हुआ है.

जब देश कोरोना महामारी से लढाई के लिए संसाधन की कमी से जुझ रहा है. फौजी से लेकर सरकारी कर्मचारीओं के महंगाई भत्ते काटे जा रहे है, किसान आत्महत्या कर रहा है, देश मे हाहाकार मचा है .बेरोजगारी, भूखमरी और शिक्षा को लेकर सवाल उठाऐ जा रहे है, अर्थव्यवस्था नीचे आ रही है, जीडीपी कम हो रहा है . सभी देशवासीयों से इस आपदा से बचने के लिए सरकार सहायता की गुहार लगा रही हैं, तो वही दुसरी तरफ डिफॉल्टर , बैंक चोर, भगोडो के हजारो करोडो का कर्ज सरकार एक झटके मे माफ कर दे रही है और इसकी जानकारी सबसे छुपाई गई, संसद मे नाम का खुलासा भी नही किया . RTI की जानकारी से सच सामने आया . अब सरकार की जिम्मेदारी है की, वे देश की जनता को इस का जवाब दे.

डॉ. घपेश पुंडलिकराव ढवळे
ghapesh84@gmail.com
Mo.8600044560.

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