Published On : Wed, Jan 9th, 2019

सरकारी और कॉर्पोरेट फॉरेंसिक में है काफी अंतर – फॉरेंसिक एक्सपर्ट रंजीत सिंग

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गवर्नमेंट इंस्टिट्यूट ऑफ़ फॉरेंसिक साइंस में सेमीनार में विद्यार्थियों को दी जानकारी

नागपुर: सिविल लाईन स्थित गवर्नमेंट इंस्टिट्यूट ऑफ़ फॉरेंसिक साइंस की ओर से बुधवार को विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय ‘कॉर्पोरेट फोरेंसिक एंड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स एंड पोस्टर प्रेजेंटेशन का आयोजन किया गया था. इस दौरान बड़ी तादाद में फॉरेंसिक साइंस के विद्यार्थी मौजूद थे. प्रमुख मार्गदर्शक के तौर पर दिल्ली से आए फॉरेंसिक एक्सपर्ट रंजीत सिंग मौजूद रहे. इस दौरान रंजीत सिंग ने विद्यार्थियों को फॉरेंसिक से जुडी महत्वपूर्ण जानकारियां दी. उन्होंने कहा कि अन्य फॉरेंसिक की तुलना में कॉर्पोरेट जगत की फॉरेंसिक अलग होती है.

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कॉर्पोरेट की फॉरेंसिक पूरी तरह से तथ्यों पर आधारित होती है और उसमे किसी भी तरह की कोई गुंजाइश नहीं होती है. कॉर्पोरेट सेक्टर के फॉरेंसिक में बहोत ही कम डाक्यूमेंट्स में काम करना होता है. सरकारी विभागों के फॉरेंसिक में काफी डाक्यूमेंट्स के आधार पर काम करना होता है. कॉर्पोरेट में इंटरैक्ट करने का मौका भी मिलता है. बैंकिंग सेक्टर, लाइफ इन्सुरन्स में साइन और डेट ऑफ़ बर्थ के भी कई फ्रॉड पाए जाते है. जिसमें फॉरेंसिक एक्सपर्ट का काफी महत्व होता है.

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उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सरकारी सेक्टर के मुकाबले कॉर्पोरेट सेक्टर में काफी ज्यादा सैलरी दी जाती है. हैंडराइटिंग को लेकर भी कई तरह के फ्रॉड किए जाते है. जिसमें फॉरेंसिक एक्सपर्ट को ही काम करना पड़ता है. कोर्ट में भी जिस फर्म की ओर से आप जा रहे है. उसकी तरफ से आपको सोच समझकर और तथ्यों पर ही अपनी बात रखनी होती है. उन्होंने पावर प्रोजेक्ट के माध्यम से विद्यार्थियों को कॉर्पोरेट फॉरेंसिक के बारे में और भी महत्वपूर्ण जानकारी दी.

इस दौरान सेमिनार में शासकीय न्यायसहायक विज्ञानं संस्था के डायरेक्टर डॉ. जयराम खोब्रागडे ने कहा कि फॉरेंसिक एक्सपर्ट रंजीत सिंग ने फॉरेंसिक साइंस में पीएचडी की है. उन्होंने बताया की इस कॉलेज ने कई फॉरेंसिक एक्सपर्ट दिए है. यहां पर मेरिट बेसिस पर एडमिशन होता है. इस वर्ष फॉरेंसिक साइंस के करीब 90 विद्यार्थियों को विभिन्न संस्थानों में जॉब मिली है. संस्था के 11 बच्चों ने नेट की परीक्षा क्लियर की है. अब कॉलेज इतिहास रच रहा है.

कॉलेज में पोस्टर प्रेजेंटेशन कॉम्पिटशन का आयोजन भी किया गया था. इसमें बिलासपुर, इंदौर, सागर,चंडीगढ़, अमरावती, औरंगाबाद, आँध्रप्रदेश, झाँसी, नागपुर के रायसोनी, मोहता कॉलेज, आंबेडकर कॉलेज और कमला नेहरू के कॉलेज के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया. करीब 250 विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में शामिल हुए थे. इसमें यूजी, पीजी और टीचर्स ऐसे तीन फैकल्टी के प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया.

इस दौरान विभाग प्रमुख और सहायक प्रोफ़ेसर आशीष बडिये, एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. राजेश पाटिल, डॉ. संजय ठाकरे समेत अन्य लोग मौजूद थे. यह प्रोग्राम डिपार्टमेंट ऑफ़ फॉरेंसिक साइंस ने किया. इसको सफल बनाने में हंसी बंसल, नीति कपूर, हरेंद्र बाबुर्डे ने सहयोग किया.

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