
नागपुर: नागपुर जिले की रामटेक तहसील के हमलापुरी निवासी पूर्व पंचायत समिति सभापति नरेंद्र बंधाटे ने सोशल मीडिया पर कथित बदनामी को लेकर मानहानि का दावा दायर करने की जानकारी दी है। उन्होंने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित कर उनके और भाजपा नेताओं के खिलाफ तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। बंधाटे ने इस मामले में रामटेक पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
बचत गट के पांच लाख रुपये के लेनदेन से जुड़ा विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नरेंद्र बंधाटे की पत्नी कंचनलता बंधाटे और योगिता कामली बचत गट के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ी हुई थीं। आरोप है कि बचत गट के जरिए हुए पांच लाख रुपये के लेनदेन का निपटारा होने के बावजूद विवाद जारी रहा।
बंधाटे के अनुसार, इसके बाद योगिता कामली और उनके बेटे दुर्गेश कामली ने उनके घर पर हमला किया। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान स्थानीय नागरिकों ने दुर्गेश कामली से एक हथियार छीनकर रामटेक पुलिस स्टेशन के बीट इंचार्ज अमोल इंगोले को सौंप दिया था।
पुलिस पर मामला दर्ज नहीं करने का आरोप
नरेंद्र बंधाटे ने आरोप लगाया कि कथित घटना के बाद भी रामटेक पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की उचित जांच की मांग की है।
हालांकि, इस संबंध में पुलिस का पक्ष और कथित घटना से जुड़े स्वतंत्र तथ्य उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है।
सोशल मीडिया वीडियो को लेकर मानहानि की कार्रवाई
बंधाटे का आरोप है कि योगिता कामली सोशल मीडिया पर विभिन्न वीडियो पोस्ट कर उनके और भाजपा नेताओं के खिलाफ आरोप लगा रही हैं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है। इसी को लेकर उन्होंने मानहानि का दावा दायर करने की जानकारी पत्रकारों को दी।
मामले में सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों की सत्यता, कथित हमले और पुलिस की भूमिका को लेकर संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।



