Published On : Wed, Nov 21st, 2018

राम मंदिर मामले में जानबूझकर हो रहे देरी की वजह से हुँकार सभा का आयोजन

नागपुर: आगामी 25 नवंबर को विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित हुँकार सभा का आयोजन नागपुर में किया जा रहा है। इस आयोजन से जुड़े लोगों के मुताबिक राम मंदिर निर्माण में हो रही देरी की वजह से ऐसा किया जा रहा है। देरी जानबूझकर की जा रही है जिसे लेकर राम को मानाने वाले लोगों में भारी नाराजगी है। नागपुर में होने वाले आयोजन समिति के अध्यक्ष संजय भेंड़े के अनुसार राम भक्तों का सब्र टूट रहा है। पहले आशा थी की न्याय अदालत के फ़ैसले से मिलेगा लेकिन जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट ने यह कह के सुनवाई को टाला है कि यह मामला उसकी प्राथमिकता में नहीं है,उससे ऐसा प्रतिक होता है की जानबूझकर देरी की जा रही है। इस आयोजन का मकसद स्पस्ट है हमारी सरकार से माँग है कि सोमनाथ मंदिर के निर्माण के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाया था वैसा ही फैसला मौजूदा सरकार भी ले। राम मंदिर आंदोलन 1984 से शुरू हुआ आज वर्ष 2018 चल रहा है। लंबे समय तक प्रतीक्षा और आंदोलन के बाद भी कोई हल नहीं निकाला। वर्तमान बीजेपी सरकार के कार्यकाल के अंतिम वर्ष में इस तरह का आंदोलन क्या सरकार पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है इस सवाल पर आयोजन समिति ने कहाँ यह कार्यक्रम किसी पर दबाव बनाने का नहीं है बल्कि जनता की भावना सरकार तक पहुँचाने का है। सरकार को जनता की भावना का आदर करना चाहिए। चुनाव से इस कार्यक्रम का कोई संबंध नहीं है। पहली बार बीजेपी ने राष्ट्रपति और राज्यपालो से भी इस संबंध में विहिप के लोगों ने मुलाकात की है। यह आयोजन विहिप द्वारा किया जा रहा है जिसमे हर राम भक्त भाग ले सकता है संघ के लोग भी इसमें इसी रूप में हिस्सा लेंगे। आयोजन को लेकर अखाड़ा परिषद द्वारा दर्ज कराई गई आपत्ति पर विहिप का कहना है कि किसी ने अपनी कोई आपत्ति नहीं व्यक्त की है संतो के आदेश और मार्गदर्शन से ही आयोजन हो रहा है। हुँकार सभा के आयोजन की जानकारी देने को लेकर आयोजित पत्र परिषद में आयोजन समिति के अध्यक्ष संजय भेंड़े,संयोजक सनद गुप्ता,सह संयोजक दिनेश गौर,विहिप के विदर्भ प्रांत अध्यक्ष राजू निवल,उपाध्यक्ष गोविंद शेंडे,व्यवस्था प्रमुख प्रा अजय नीलदावार,प्रचार प्रमुख अनिल सांबरे उपस्थित थे।

सबको न्यायालय जाने अधिकार
विहिप के इस आयोजन को लेकर नागपुर के जनार्दन मून ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। बुधवार को मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने याचिका को मंजूर कर लिया है जिस पर गुरुवार को सुनवाई होगी। आयोजन समिति के मुताबिक सबको न्यायालय जाने का अधिकार है। लेकिन आयोजन को लेकर जो कार्रवाई होनी चाहिए उनका पालन सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और मैदान में आयोजन की आज्ञा ली गई है। मून ने अपनी याचिका में आयोजन की वजह से समाज में उन्माद की स्थिति निर्माण होने की दलील दी है।

1 लाख लोगों के पहुँचने का दावा
ईश्वर देशमुख शारीरिक महाविद्यालय के मैदान में आयोजित होने वाली इस सभा में साध्वी ऋतंभरा देवी,ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य वासुदेवनंद महाराज,संत देवनाथ पठाधीश्वर जितेंद्रनाथ महाराज के साथ विहिप के कार्याध्यक्ष अलोक कुमार अपना संबोधन देंगे। इस आयोजन में एक लाख लोगों के पहुँचने का दावा विहिप द्वारा किया गया है। आयोजन के संयोजक सनद गुप्ता ने बताया कि मैदान में 60 बाय 80 फुट का स्टेज होगा। मैदान में भीतर 3 एलईडी स्क्रीन लगाई जायेगी। वाहनों की पार्किंग के लिए आस पास के 7 मैदान सुनिश्चित किये गए है।