Published On : Sat, Jul 24th, 2021

लॉकडाउन के डर से 1 माह पहले सजा राखी बाजार

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इतवारी थोक बाजार में शुरू हुई खरीदी

नागपुर. रक्षाबंधन (राखी) का पर्व 24 अगस्त को मनाया जाएगा. पर्व को अभी एक माह शेष है, लेकिन पिछले बार के कोरोना के प्रभाव और आगे लॉकडाउन लगने की संभावना के डर से व्यापारियों ने अभी से राखी का मार्केट सजा लिया है. व्यापारियों को कोरोना के कारण इस सीजनेबल त्योहार पर काफी अधिक नुकसान का सामना करना पड़ा था.

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शहर के इतवारी, महल, बर्डी बाजार में राखियों की दूकानें सजने के साथ ही राखियों की खरीदी भी शुरू हो चुकी हैं. रॉ-मटेरियल के महंगे होने के चलते पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष राखियां 5 से 10 प्रश महंगी हुई है. यह एक ऐसा पर्व है जो भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक माना जाता है इसलिए राखी महंगी होने के बावजूद बहनों पर महंगाई का किसी तरह का कोई असर नहीं होता है. वहीं बाजार में सिंपल राखियों का क्रैज अब ठंडा पड़ गया है. हर वर्ष बदलते फैशन का असर राखी पर भी पड़ा है अब इसमें भी फैशन का तड़का लग चुका है. इस बार मार्केट में इमिटेशन और अमेरिकन डायमंड वाली राखी का ज्यादा ही क्रेज देखा जा रहा है. एक से एक फैशनेबल राखियों में अमेरिकन डायमंड, स्टोन, मेटल, बच्चों के लिए कार्टून वाली राखियां बाजार में देखी जा सकती हैं. भीड़ से बचने के लिए बहनें अभी से मार्केट में राखी खरीदने के लिए पहुंच रही हैं.

ग्राहक को हर बार चाहिए यूनिक
इतवारी राखी थोक बाजार के व्यापारी विराग संघवी बताते हैं कि त्योहार के 15 दिन पहले से मार्केट सजना शुरू होता था, लेकिन अभी मार्केट का समय 4 बजे तक होने से एक माह पहले दूकानें लगानी पड़ी. अभी से बहनें खरीदी करेंगी, तो त्योहार तक मार्केट में बहुत ज्यादा भीड़ नहीं होगी. बाद में होने वाली भीड़ को देखते हुए कुछ ग्राहक अभी से मार्केट में पहुंचकर खरीदी कर रहे हैं.

सामान्य लोगों के साथ आसपास के चिल्लर व्यापारी भी माल खरीदी करने के लिए आ रहे हैं. इस समय पूरा माल दिल्ली, मुंबई, गुजरात, कोलकाता, अहमदाबाद, बड़ोदरा से आ रहा है. माल भाड़ा बढ़ने से इसके भाव बढ़े हुए हैं. व्यापारी शशांक जैन बताते हैं कि फैशन में हर वर्ष कुछ न कुछ बदलाव आते हैं. उसी तरह इस वर्ष राखियों में भी फैशन का रंग चढ़ा हुआ है.

फैंसी और फेशनेबल राखियों की बाजार में अच्छी मांग है. बाजार में 12 रुपये दर्जन से लेकर 650 रुपये दर्जन तक राखियां हैं. वहीं 2 रुपये पीसे 250 रुपये पीस तक राखी देखी जा सकती है. वहीं इस समय लुम्बा काफी डिमांड में हैं. उसमें बाजूबंद, बूंदा, राखी का सेट है, महिलाएं इसे राखी के दिन पहनती हैं. यह सेट दिखने में बड़ा ही खूबसूरत है. बाजार में आने वाले ग्राहकों की नजरें इस खूबसूरत सेट पर गढ़ ही जाती हैं. राखियों में किड्स, स्टोन, फैंसी डोरी वाली राखियों की खूब मांग है. बच्चे आज जो टीवी पर देखते हैं उसी की मांग करते हैं, इसलिए उनके लिए लाइटिंग के साथ कार्टून पात्र छोटा भीम, स्पाइडर मैन, बॉब द बिल्डर, एंग्री बर्ड, डोरेमॉन लाई गई हैं.

गणपति के लिए सजावटी चीजें भी छायी
सावन से त्योहारों की शुरुआत हो जायेगी. गणपति का त्योहार भी सितंबर में आयेगा. गणपति की सजावट के लिए पूरा मार्केट सजावटी सामग्री से पटा पड़ा है. रंग-बिरंगी लेस के साथ इलेक्ट्रिक सीरीज, फोकस लाइट, डिस्को लाइट सहित विविध तरह के डेकोरेशन की सामग्री की खरीदी शुरू हो गई है. सरकार के थर्माकोल बंदी के बाद अभी जहां सजावट के लिए थर्माकोल का उपयोग बंद हो गया है, वहीं इसकी जगह अब कार्डबोर्ड से आकर्षक मंदिर और सिंहासन निर्माण हो रहा है. बाजार में आये कार्डबोर्ड से बने मंदिर और सिंहासन की फिनिशिंग और कलाकारी देखते ही बनती है.

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