Published On : Sat, Aug 5th, 2017

अधिकारियों के रवैय्ये की वजह से रेल्वे बदहाल – रामानंद त्रिपाठी, सदस्य – यात्री सुविधा समिति


नागपुर: 
मोदी सरकार और ख़ुद रेलमंत्री भले ही भारतीय रेल्वे में सुधार के लाख दावे करे लेकिन जमीनी हक़ीक़त में अब भी कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है। रेलगाड़ी में सफ़र करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैय्या कराने के लिए रेल किराये को बढ़ाने का फ़ैसला लिया गया बावजूद इसके रेल्वे से जुड़ी समस्याएं अब भी बरक़रार है। रेल्वे से जुड़ा यह नज़रिया और किसी का नहीं बल्कि रेल मंत्रालय की यात्री सुविधा समिति के सदस्यों का है। समिति के ही सदस्य रामानंद त्रिपाठी की माने तो रेल्वे की इस हालत की ज़िम्मेदार अफ़सरशाही है।

त्रिपाठी के मुताबिक उन्हें इस बात हो कहने में कोई संकोच नहीं की देश के सामान्य व्यक्ति के लिए लाइफ लाइन रेल्वे का बंटाधार सिर्फ़ अधिकारियों की वजह से है। अधिकारी अपने एसी चेंबर में रहकर समस्याओं को सुनते है रेल से सफ़र कर रहे आम आदमी की तकलीफ़ से उन्हें कोई लेना देना नहीं। सरकार अपनी तरफ़ से विभाग में सुधार के लिए नीतियाँ बनाती है रेल मंत्री ने भी बेहतर योजनाए दी है लेकिन उन्हें लागू करने वाले लोग की संजीदा नहीं है। जिससे जाहिर है की मंत्री का भी अपने अधिकारियों को नियंत्रण नहीं है। अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहाँ कि मंत्रालय के लगभग 75 फ़ीसदी अफ़सर नई सरकार को पचा नहीं पा रहे है उनकी निष्ठा पूर्व की सरकार और उनकी नीतियों के प्रति ही है।

भारतीय मजदुर संघ के वरिष्ठ नेता रामानंद त्रिपाठी ने भारतीय रेल के साथ अपना निजी अनुभव का जिक्र करते हुए बताया की वह सुपरफ़ास्ट ट्रेन से सफ़र कर नागपुर पहुँचे। उनका रिज़र्वेशन A -1 कोच में था लेकिन वही मेनटेन्स नहीं था। रेल्वे की हालत ऐसी है अगर आपका प्रभाव है तो आप का सफ़र आसान अगर आप सामान्य यात्री है तो भगवान ही मालिक है। दुःख इस बात का है की मुनाफ़ा खोरी के चक्कर में ग़ैरक़ानूनी काम हो रहे है उन पर लगाम लगाने को कोई तैयार नहीं। रेल यात्री सुविधा समिति के सदस्य के नाते हम मंत्रालय को सिर्फ सुझाव दे सकते है।


स्टेशनों के निरिक्षण में यात्री सुविधा समिति सदस्यों ने पायी कमियां

यात्री सुविधा समिति के सदस्य रामानंद त्रिपाठी, प्रभुनाथ चौव्हान और मनिषा चटर्जी ने नागपुर के साथ ही तुमसर रोड,गोंदिया,भंडारा स्टेशनों दौरा कर यात्रियों की शिकायतें जानी। इस निरिक्षण दौरान सदस्यों ने कई कमियां पायी इन स्टेशनों में महिला और दिव्यांगों के लिए पर्याप्त तौर पर प्रसाधन गृह का आभाव देखने मिला। रेलमंत्री ने दिव्यांगों के लिए हर स्टेशन में विशेष सुविधा उपलब्ध करा कर देने का ऐलान किया था पर प्लेटफॉर्म में न ही एस्केलेटर है और न ही रेम्प।