Published On : Sat, May 2nd, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

पुणे कोर्ट में बड़ा खुलासा: सावरकर ने दी थीं 5 दया याचिकाएं, गाय को बताया ‘सिर्फ उपयोगी पशु’

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पुणे: हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर के ग्रैंडनेफ्यू सत्याकी सावरकर ने पुणे की विशेष MP/MLA अदालत में बड़ा बयान दिया है। राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि सावरकर ने ब्रिटिश शासन के दौरान जेल में रहते हुए पांच बार दया याचिकाएं (Mercy Petitions) दायर की थीं।

क्रॉस-एग्जामिनेशन के दौरान सत्याकी सावरकर ने यह भी कहा कि सावरकर गाय को भगवान नहीं बल्कि एक ‘उपयोगी पशु’ मानते थे। उन्होंने बताया कि सावरकर का दृष्टिकोण तर्कवादी था और वे चीजों को उनके सामाजिक उपयोग के आधार पर देखते थे।

ब्रिटिश सेना में भर्ती की अपील पर सफाई
सत्याकी ने यह भी माना कि सावरकर ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारतीयों को ब्रिटिश सेना में भर्ती होने की अपील की थी। हालांकि, उन्होंने इसे ब्रिटिश समर्थक कदम नहीं बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को सैन्य और हथियारों का प्रशिक्षण दिलाना था, जो आज़ादी के बाद देश के काम आ सके।

दया याचिकाओं पर क्या कहा
उन्होंने कोर्ट में स्पष्ट किया कि उस समय कई स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दया याचिकाएं देना एक सामान्य प्रक्रिया थी और इसे अलग संदर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए।

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मानहानि केस का मामला
यह पूरा मामला कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 2023 में लंदन में दिए गए एक बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर सावरकर को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इसी को लेकर सत्याकी सावरकर ने मानहानि का मामला दर्ज कराया है।

सत्याकी की कानूनी टीम ने राहुल गांधी पर अदालत को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए पर्जरी (झूठी गवाही) की अर्जी भी दाखिल की है, जिसमें लंदन भाषण के वीडियो जैसे सबूतों का जिक्र किया गया है।

इस मामले की अगली सुनवाई 1 जून को होगी, जहां सत्याकी सावरकर का क्रॉस-एग्जामिनेशन जारी रहेगा।

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