Published On : Fri, Mar 3rd, 2017

क्या भविष्य है दटके, तिवारी व ठाकरे का !

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Avinash Thakre, Pravin Datke and Dayashankar Tiwari

नागपुर: नागपुर मनपा चुनाव में मतदाताओं के उम्मीदों से परे जाकर भाजपा ने एकतरफा जीत हासिल की। यह तो इनदिनों गर्मागर्म चर्चा का विषय है ही, साथ में यह भी तर्क-वितर्क भी हो रहा है कि भाजपा अपने दिग्गज नगरसेवकों को राजनीतिक रूप से क्या इस्तेमाल करेगी। इनमें निवर्तमान महापौर दटके, निवर्तमान सत्ताक्ष नेता दयाशंकर तिवारी, पूर्व स्थाई समिति अध्यक्ष व प्रदेश माड़ी समाज के नेता अविनाश ठाकरे और वरिष्ठ नगरसेवक जगदीश ग्वालवंशी का समावेश है। गत 23 फरवरी को मनपा चुनाव का परिणाम जैसे-जैसे घोषित होता जा रहा था, वैसे-वैसे भाजपा अपने प्रतिद्वंदी पार्टियों को कोसों दूर छोड़ “शतकीय” पारी खेलती जा रही थी। जब मतगणना समाप्त हुई तो भाजपा के 108 नगरसेवक चुन कर आने की घोषणा अधिकृत रूप से की गई।

इनमें कई दिग्गज नगरसेवकों का समावेश था। जैसे जगदीश ग्वालवंशी, दयाशंकर तिवारी, प्रवीण दटके, संदीप जोशी, अविनाश ठाकरे आदि का समावेश है। इन सभी के जीत पश्चात् यह भी चर्चा शुरू हो गई कि भाजपा को मिली “पेट भर जीत” का भाजपा नेतृत्वकर्ता कैसे नियोजन करेंगे। पिछले 10 साल से सत्ता में भाजपा है, इस दौरान नियमित 2-3 दफे जीत कर आने वालों को भाजपा ने पदाधिकारी बनाया।लेकिन तीसरी बार पुनः उक्त वरिष्ठ नगरसेवकों को फिर से पदाधिकारी बनाया गया तो पार्टी अंतर्गत विरोध का सामना करना पड़ेगा। इसलिए भाजपा ने मनपा में समन्वय कायम रखने के उद्देश्य से “सोशल इंजीनियरिंग” का प्रयोग करने का निर्णय लिया।

इस प्रयोग के तहत ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ नगरसेवक व भवन निर्माता संदीप जोशी को सत्तापक्ष नेता, कुनबी समाज की नगरसेविका नंदा जिचकार को महापौर, हिन्दू दलित समाज के वरिष्ठ नगरसेवक संदीप जाधव को स्थाई समिति अध्यक्ष और सिर्फ नाम का पद यानी उपमहापौर पद पर उपेक्षित समाज हलबा जाति नगरसेवक पार्डीकर की नियुक्ति की। इनमें से जोशी 2 दफे स्थाई समिति अध्यक्ष और संदीप जाधव उपमहापौर पद की शोभा बढ़ा चुके हैं।

इनके नाम की घोषणा के तत्काल बाद यह भी चर्चा शुरू हो गई कि अब दटके, तिवारी, ठाकरे, ग्वालवंशी जैसे अनुभवी नगरसेवकों का अनुभव भाजपा कहाँ और कैसे उठाएंगी या फिर उन्हें अगले 5 वर्ष तक बिना पद के पार्टी हित में सक्रिय रहने का आदेश देगी? भाजपा को अनुशासित और शिष्टाचार पालन करने वाला राजनीतिक दल कहा जाता है।

अगर आम भाजपाई की उक्त वरिष्ठ नगरसेवकों के राजनीतिक भविष्य के बारे में चिंतनीय सोच है तो निसंदेह भाजपा के नेतृत्वकर्ता देवेंद्र-नितिन भी उक्त अनुभवी नगरसेवकों के अनुभव और उनकी गुणवत्ता का वक़्त पर भाजपा हित में सदुपयोग कर उनका मनोबल ऊँचा रखेंगे और संभवतः मनपा या संगठन या फिर महामंडल/विस्/विप् में उक्त वरिष्ठ नगरसेवकों को “एडजस्ट” किया जायेगा।

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