Published On : Sat, Sep 30th, 2017

10 साल पहले बनी पानी की टंकी फिर भी क्षेत्र में पानी की हाहाकार मिलता हैं पानी 3 दिन आड़


नागपुर: भंडारा रोड से लगा पूर्व नागपुर का अंतिम छोर प्रभाग 25 अन्तर्गत एक लाख नागरिकों को रोज पानी के लिए जद्दोजहद करना पड़ता है। न नागपुर सुधार प्रन्यास और न ही मनपा प्रशासन इस ओर कोई ठोस पहल कर रहा है। नेता भी इनका सिर्फ चुनाव के दौरान मत के लिए किया जाता है।

उक्त प्रभाग अंतर्गत रामभूमि सोसाइटी, धनलक्ष्मी नगर, अम्बे नगर, मारोती सोसाइटी, गिरजा नगर, शेंडे नगर, समता नगर, गृहलक्ष्मी नगर, स्वागत नगर, सुंदर नगर, भोले नगर,दीप नगर, हटवार लेआउट, ठवकरवाड़ी, नवीन नगर, श्याम नगर के एक लाख नागरिक वर्षों से नियमित जलापूर्ति से वंचित हैं। क्योंकि यह संपूर्ण क्षेत्र नासुप्र अंतर्गत आने से मनपा प्रशासन कोई व्यवस्था नहीं कर पा रही है। इस समस्या से राज्य सरकार वाकिफ होने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। इतना ही नहीं वर्ष 2004 में 2 बड़ी बड़ी पानी की टंकी बनाई गई थी, लेकिन सम्पूर्ण परिसर में घर घर पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन तक नहीं बिछाई गई।


स्थानीय कांग्रेसी नगरसेवक पुरुषोत्तम हज़ारे पिछले 5 सालों से उक्त समस्या के समाधान हेतु मनपा-नासुप्र पर मोर्चा ले गए लेकिन उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। मनपा प्रशासन ने उक्त सम्पूर्ण परिसर को स्मार्ट सिटी योजना के लिए समाहित किया है। जब कभी योजना के अनुरूप उक्त इलाका विकसित होगा तब सर्वसुलभ व्यवस्था होगी।

हज़ारे के अनुसार उनके लगातार गुहार के बाद आज 3 दिन में एकबार 2-ढाई ट्रिप मनपा टैंकर से जलापूर्ति कर रही है। जबकि यहां 4-साढ़े 4 सौ टैंकर ट्रिप की जरूरत है। तीन तीन दिन पानी संग्रह कर एक लाख नागरिक जीवनयापन कर रहे हैं। इस जलापूर्ति का शुल्क मनपा प्रशासन वार्षिक संपत्ति कर में जोड़ कर वसूल लेता है।