Published On : Sat, Apr 18th, 2015

आरमोरी : विद्युत डीपी से मंडरा रहा खतरा

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सवांददाता / विलास गोंदोले

आरमोरी (गड़चिरोली)। शहर के बर्डी इलाके में बिजली महावितरण कंपनी के विद्युत डीपीयों का खतरा मंडरा रहा है. आरमोरी शहर की बढ़ती आबादी और इस आबादी की बिजली पानी, राईस मिल और अन्य इकाइयों के लिए लगाईं गई विद्युत डीपी या भविष्य में बर्डी इलाके के जलकुंभ से आगे और आदिवासी छात्र होस्टल के प्रवेशद्वार के बाजु में लगाई डीपी हमेशा कव्हर में ढकने के बजाय हमेशा खुली रहती है. इस डीपी के समीप ही आरमोरी तहसील कार्यालय का आने-जाने का पथ है. इस पथ से रोजाना सैकड़ों बच्चे आवागमन करते है. कुछ नटखट बच्चे होस्टल के प्रवेशद्वार के आगे बैठकर खेल खेलते है. न जाने किसी दिन नजर अंदाज होकर बच्चों की मौत की वजह यह डीपी बन सकती है. इसकी ओर यहां के कनिष्ठ अभियंता कतई ध्यान नही दे रहे है.

संबंधित इंजीनिअर का ध्यान सिर्फ बिजली महावितरण कंपनी की सिर्फ बिल वसुली तथा जिन ग्रामस्थों ने बिजली बिल पर्याप्त आर्थिक राशि न होने की वजह भरा नही हो उनके ऊपर विद्युत दबाव जैसी दबंगाई कर सीधा बिजली काट देना यही इनका काम बन चूका है. आरमोरी शहर के अंदर इन जगहों की डीपी पर वडसा रोड सीताबर्डी तहसील कार्यालय के सामने, आदिवासी बॉयज होस्टल बर्डी, दादासाहब गायकवाड चौक और आरमोरी के मुख्यालयों की ओर ध्यान देना जरुरी है. अन्यथा कंपनी अफसर की लापरवाही से न जाने कितने ग्रामस्थों की भेड-बकरिया जैसे बलि चढ़ सकते है.

इस तानाशाही अफसर ने कुछ राजनेताओं के घरों में एक फोन पे सेवा देने के बजाए आरमोरी शहर के विभिन्न अंग जैसे पूरा सीताबर्डी इलाका, इंदिरानगर, विठ्ठल मंदिर, डोंगरी, कालागोटा, सरकारी अस्पताल का पीछे का एरिया, बीएसएनल टावर, शास्त्रीनगर, इस विभाग के कटे हुए सर्विस वायर, मुख्य बिजली के डायरेक्ट करंट वाले वायर, विद्युत खंबे आदि सर्वेक्शन कर अपने विद्युत कर्मियों को सलाह तथा मार्गदर्शन करना चाहिए न की कार्यालय में बैठकर जमा पूंजी का कच्चा-चिठ्ठा करना है. क्योंकि आरमोरी शहर की प्रीति आदिवासी आश्रमशाला के पास तुटा हुआ विद्युत खंबा बदलने की मांग काफी दिनों से आश्रमशाला के व्यवस्थापन ने की थी. लेकिन यही अफसर ने इसकी ओर ध्यान नही दिया. जब स्थानिकों ने और अखबारों ने आवाज उठाया तो जल्दबाजी में महावितरण विद्युत कंपनी ने तुरंत टूटे हुए खंबे बदला दिए.

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दूसरी वास्तविक वार्ता है कि पंचायत समिति के अधीन आनेवाली मानापुर (दलनवाडी) इस देहात की जिला परिषद उच्च प्राथमिक शाला के पिछवाड़े में प्रोटेक्शन वाल के अंदर काफी दिनों से विद्युत डीपी लगाईं गई है. बिजली के बिघाड से व्होल्टेज की समस्या के कारण पांच-छह बार स्पार्किंग की घटना घट चुकी है. यह डीपी शाला के परिसर की ओर विद्यार्थियों के लिए खतरा बन चुकी है. पुराने जिला परिषद शाला की इमारत के बाजू में नई शाला इमारत के क्लास रूम का काम हो चूका है. यह नई क्लासरूम डीपी के पास ही है. यहां से शाला के विद्यार्थियों का आवागमन होता है. इसलिए दुर्घटना से देर भली हो पर, इस समस्या पर अमल करके शाला व्यवस्थापन समिति के पदाधिकारियों ने अमल करके शाला व्यवस्थापन समिति के पदाधिकारियों ने महावितरण विद्युत कंपनी की तरफ डीपी हटाने की मांग की है. देखते है महावितरण के आलाकमान अफसर तथा इनके सहयोगी विद्युत कर्मी इस मौत की घंटा को मनापुर वासियों के गले से हटाने का काम करती है या अनदेखी करते है.