Published On : Tue, Feb 10th, 2015

मूल : बिजली पोल सिप्टिंग का कार्य घटिया


जीवित हानि होने पर जिम्मेदार बिजली विभाग रहेगा

मूल (चंद्रपुर)। शहर का सौंदर्यीकरण करने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू है. पंचायत समिति से नागपुर रोड कृषि उत्पन्न बाजार समिति रोड तक 15 करोड़ खर्च करके सिमेंट कोंक्रीट डिवाइडर सड़क के कार्य को गति मिली है. लेकिन डिवाइडर सड़क के कार्य के इलेक्ट्रिक पोल और उसपर की वायरिंग सिप्टिंग का काम निलेश इलेक्ट्रिसियल कंपनी के मालक किशोर पडोले को दिया है. 1 करोड़ 15 लाख रूपये की पहली क़िस्त लोकनिर्माण विभाग की ओर से दी गयी है. लेकिन सिप्टिंग काम की ओर कंपनी के मालिक अनदेखी कर रही है. जिससे कार्य घटिया तरीके का हो रहा है. इस संदर्भ में वितरण कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर कार्य का निरिक्षण किया गया. जहां निलेश इलेक्ट्रिसियल कंपनी की पोल खुल गई. यह निरिक्षण निलेश कंपनी के कर्मचारियों के सामने हुआ.

सिमेंट सड़क के कार्य में आड़े आ रहे पुराने पोल को हटाकर नए पोल लगाये गए. जो घटिया दर्जे के है और बीच से झुक गए है. जिन्दा बिजली 11 के.व्ही अंडरग्राऊँड केबल सिप्टिंग का काम दूरध्वनी कार्यालय के सामने शुरू है. 11 के.व्ही जिन्दा केबल अंडरग्राऊँड न डालते हुए रोड के ऊपर से डाले जा रहे है. जिसे गिट्टी पर जेसीबी द्वारा दबाया जा रहा है. नगरपरिषद के नगरसेवक प्रभाकर भोयर, नंदू रणदिवे के ध्यान में आया. दबाई किये केबल पर किसी मजदुर का पैर पड़ने से जिवित हानी भी हो सकती थी. जागृत नागरिकों ने इस काम के बारे में जानकारी दे कर घटिया दर्जे का कार्य बिजली कंपनी के अधिकारियों के सामने रखा.

लोकनिर्माण विभाग अंतर्गत आनेवाले विद्युत विभाग के अधिकारी कनिष्ठ अभियंता येरपुड़े और उपअभियंता मखमानी की सिप्टिंग के काम की ओर हो रही अनदेखी होना सबसे बड़ी गलती थी. लेकिन बिजली सिप्टिंग के काम में जिवित हानी होती तो इसके जिम्मेदार निलेश इलेक्ट्रिसियल कम्पनी और कम्पनी के मालिक पर ध्यान रखने वाले येरपुड़े और मखमानी होते ऐसा इशारा नागरिकों ने किया है. दुभाजक रास्ते का कार्य शुरू होने पर निकुरे की इसी रास्ते पर जान गयी थी ये भूल नहीं सकते.

Truck Knock 14 electric pole (5)

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