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    Published On : Thu, Apr 12th, 2018
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    पुलिस आयुक्त से मिली पीड़िता को नहीं मिला न्याय

    Victim
    नागपुर: मिहान औद्योगिक क्षेत्रों में काम करनेवाली मनीष नगर के नवनाथ सोसाइटी स्थित सिल्वर हाइट्स में किराए के फ्लैट में रहने वाली एक महिला अधिकारी व उसकी २ वर्षीय बच्ची के साथ सोसाइटी के पदाधिकारी ने आदतन नशे में धुत होकर छेड़छाड़ कर थी. हादसे से सहमी पीड़िता ने २४ घंटे बाद आरोपी के खिलाफ बेलतरोड़ी थाने में काफी मशक्कत के बाद शिकायत दर्ज कराई थी. लेकिन बताया जा रहा है कि थाना प्रशासन कानूनन उचित कार्रवाई करने के बजाय मामले को शांत करने में जुट गया. यही वजह है कि पीड़िता को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस आयुक्त से मदद की गुहार लगानी पड़ी थी, लेकिन २ सप्ताह बीत जाने के बाद भी पीड़िता को न्याय नहीं मिलने से नाराजी बढ़ते जा रही है.

    पीड़िता के अनुसार वे नियमित बेलतरोड़ी थाने में संपर्क कर रहे हैं. साथ ही साथ जांच अधिकारी के संपर्क में हैं. जांच अधिकारी कभी यह कहते हैं कि आरोपी द्वारा अग्रिम जमानत ले रखी होने से वे कुछ नहीं कर सकते हैं तो कभी कहते हैं कि वे अवकाश पर हैं.

    दूसरी ओर कुछ दिन फरार रहे आरोपी इन दिनों अपने फ्लैट में लौट आए हैं और ऐसा व्यवहार कर रहे जैसा उन्हें अब कोई अड़चन नहीं. पुलिस प्रशासन के उक्त रवैय्ये से पीड़िता का परिवार सकते में है.

    ज्ञात हो कि थाना प्रशासन के रवैय्ये से नाराज पीड़िता ने सोमवार २६ मार्च की शाम पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर अपने परिवार की सुरक्षा के साथ आरोपी को सजा दिलाने की मांग की थी. पुलिस आयुक्त ने पीड़िता को ठोस आश्वासन दिया कि आरोपी के खिलाफ कानूनन कार्रवाई की जाएगी. यही नहीं भविष्य में कोई अप्रिय घटना होने की संभावना को भाँपते ही उनसे सीधा संपर्क करने का आश्वासन दिलाया. लेकिन प्रशासन के ढुलमुल रवैये से अब तक पीड़िता और उसके परिवार को न्याय नहीं मिल पाया है.

    याद रहे कि पीड़िता और उनके पति सोमवार २६ मार्च की शाम को पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर गत दिनों खुद के साथ हुए हादसे को मौखिक के साथ लिखित में शिकायत कर आरोपी को सजा दिलाने की मांग की थी. पीड़िता ने पुलिस आयुक्त को जानकारी दी थी कि वे काफी सहमे हुए हैं. अपनी २ वर्षीय बच्ची को अपने परिजनों के यहां छोड़ रखा है. तो वहीं दूसरी ओर सोसाइटी वाले आरोपी से समझौता करने के लिए नियमित दबाव बना रहे हैं.

    पुलिस आयुक्त ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनके साथ हुए हादसे के आरोपी पर नियमानुसार कार्रवाई होगी. वे खतरा महसूस करने के बजाय बेख़ौफ़ रहें. भविष्य में कभी भी कोई घटना हो और स्थानीय पुलिस सहयोग न करें तो सीधा पुलिस आयुक्तालय और महिला पुलिस निरीक्षक से संपर्क करें. संपर्क करते ही तत्काल मदद की जाएगी.

    उल्लेखनीय यह है कि पीड़िता द्वारा जानकारी दी गई थी कि वह मिहान की एक नामचीन कंपनी में अधिकारी है. उनकी शिफ्ट ड्यूटी रहती है, रात को घर लौटते देर हो जाती है. घटना १९ मार्च की है, वह ऑफिस न जाकर घर के काम के लिए छुट्टी ली थी. उसके पति कंसल्टेंट होने से वे काम के सिलसिले में दौरे पर थे. १९ मार्च की ही दोपहर उसकी २ वर्ष की बेटी फ्लैट के गेट के सामने खेल रही थी. वह पीड़िता बच्ची के लिए पानी लेने के लिए भीतर घर के किचन में गई थी कि बच्ची के चिल्लाने और रोने की आवाज आई. उसकी आवाज सुनकर पीड़िता बच्चे के पास पहुंची तो पड़ोसी जो सोसाइटी का पदाधिकारी है दिखाई दिया. फ्लैट क्रमांक ३०२ निवासी पड़ोसी राजेश मिंगल(४५ वर्ष) बच्ची को घसीट अपने फ्लैट में ले जाता दिखाई दिया. पीड़िता ने यह देख बेटी को छुड़ाने की कोशिश की तो उसके मुह से शराब की बदबू आई. वह काफी नशे में था. बच्ची को छुड़ाता देख आरोपी ने पीड़िता के हाथ पकड़ कर उसे भी खिंच कर अपने फ्लैट के अंदर ले जाने की कोशिश करने लगा. इस हरकत को देख उसने हाथ छुड़ाने का प्रयास करने के साथ ही साथ मामला सार्वजानिक करने की धमकी दी. क्यूंकि वह पूरी तरह नशे में था तो मौके की नजाकत को देख पीड़िता ने उसे धकेल दिया और अपनी बच्ची को छुड़ाकर अपने फ्लैट में बंद हो गई. लेकिन बाहर से मिंगल अपशब्द कहते हुए धमकाता रहा, कुछ देर तक दरवाजा पीटता रहा.

    पीड़िता के साथ उक्त घटना पहली मर्तबा घटी और उस वक़्त फ्लैट स्कीम में सन्नाटा था तो उसे कुछ समझ नहीं आया. जब दिमाग शांत हुआ तो तुरंत पति को संपर्क कर उक्त घटना से अवगत करवाई. शाम को जब पीड़िता के पति घर लौटे तो आपसी सलाह मशविरा के बाद करीबी, रिश्तेदारों और फ्लैट के मूल मालिक को जानकारी देकर पुलिस में मामला दर्ज करवाने का निर्णय लेने में २० मार्च निकल गया. अन्तः २१ मार्च की सुबह बेलतरोड़ी थाना पहुंच उपस्थित अधिकारियों को उक्त घटना से अवगत कर मिंगल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया. पीड़िता की यह मांग सुन उपस्थित पुलिस वालों ने समझौता कराने पर जोर दिया. काफी दबाव बनाने के बाद पुलिस ने मिंगल को तत्काल थाने पहुंचने का निर्देश दिया. कुछ देर में मिंगल सोसाइटी के कुछ बुजुर्ग व पुराने रहवासियों को लेकर थाने पहुंचा और पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोप से थाना प्रभारी के सामने मुकर कर चलता बना. पीड़िता लगातार ८ घंटे तक मशक्कत करती रही तब जाकर शाम ६ बजे मिंगल के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया. लेकिन पुलिस मिंगल का पक्ष लेती रही. फिर २१ मार्च को एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंच पंचनामा किया. २२ मार्च की शाम पीड़िता जो कि ऑफिस में थी, उसे पुलिस ने सूचना देकर बयान देने के लिए घर पर पहुंचने का निर्देश. पीड़िता के घर पहुंचते ही पुलिस ने उसके घर पहुंच कर बयान लिया. उसके बाद आज तक मिंगल के खिलाफ कोई ठोस कानूनन कार्रवाई नहीं करना समझ से परे है.

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