Published On : Sat, Oct 27th, 2018

सबरीमाला मंदिर प्रवेश विवाद पर संघ समाज के खड़ा करेगा जन आंदोलन

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संघ से जुडी राष्ट्रसेविका समिति ने शुरू कर दिया है काम

नागपुर: सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर विवाद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बड़ा जनांदोलन खड़े किये जाने के प्रयास में जुटा है। संघ की सोच में यह आंदोलन महिलाओं का होगा और इसमें भागेदारी भी महिलाओं की ही होगी। गौरतलब हो की सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक को गलत ठहराते हुए महिलाओं को पूजा करने का अधिकार प्रदान किया था।

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इस फैसले के बाद केरल के सबरीमाला मंदिर में बड़ा आंदोलन खड़ा हो गया है। भगवन अयप्पा को पूजने वाला समुदाय इस फ़ैसले का विरोध कर रहा है। समाज की अधिकतर महिलाएं भी इस फैसले के विरोध में खड़ी नज़र आ रही है। केरल की वामपंथी सरकार ने समाज की माँग को दरकिनार करते हुए सुप्रीम कोर्ट में फैसले को लेकर पुनर्विचार याचिका नहीं दर्ज कराने का फ़ैसला किया है। जिसे लेकर समाज के लोग सरकार से नाराज़ है।

आरएसएस के विजयादशमी उत्सव के दौरान अपने भाषण में संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत ने इस फ़ैसले पर बोलते हुए कहाँ था कि धार्मिक मसलों पर फ़ैसला धर्माचार्यो को लेना चाहिए। उनकी इस बात से स्पस्ट था की संघ इस मसले पर काम करेगा। महिलाओं के बीच में संघ की ईकाई राष्ट्रसेविका समिति काम करती है। इस संगठन को चलाने का जिम्मा महिलाओं के पास ही है। राष्ट्रसेविका समिति इस मुद्दे को बड़े आंदोलन के रूप में विकसित करने का काम शुरू कर चुकी है। इस आंदोलन के तहत बैठकों का दौर शुरू हो गया है।

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हालही में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर बड़ा बयान दिया था। ईरानी कुछ दिनों पूर्व आरएसएस के रेशमबाग स्थित स्मृति भवन में महिलाओं के एक कार्यक्रम में शिरकत कर चुकी है। आने वाले दिनों में संघ और उसके विचार से जुडी समाज की कई महिला शख्शियतें मंदिर विवाद पर समाज के पक्ष में बात ऱख सकती है। अपने स्तर पर राष्ट्रसेविका समिति भी देश भर में बैठकों का आयोजन कर इस मुद्दे को बड़े आंदोलन के रूप में विकसित करने का प्रयास शुरू कर चुकी है।

बीते कुछ वक्त से आरएसएस ने दक्षिण भारत में कार्य विस्तार में तेज़ी लायी है। केरल की वामपंथी सरकार के साथ संघ की वैचारिक लड़ाई है। केरल में लगातार संघ कार्यकर्ताओं की हुई हत्याओं के लिए संघ सीधे तौर पर वहाँ की वामपंथी सरकार को ज़िम्मेदार मनाता है। राष्ट्रसेविका समिति की देश भर में 3 हजार से अधिक शाखाएं लगती है। इन शाखाओं और बैठकों के माध्यम से मंदिर प्रवेश विवाद पर जनजागृति फ़ैलाने का काम शुरू है।

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