Published On : Wed, Jun 30th, 2021

पटेल-हरद्वानी की जोड़ी टेंडर घोटाले में सक्रिय

– ऊर्जा मंत्रालय की आड़ में चल रहा गोरखधंधा

नागपुर: महानिर्मिति का विवादास्पद बी.पटेल पिछले एक दशक से टेंडर MANAGE कर रहा.फिर चाहे किसी भी पक्ष की सरकार हो.ऊर्जा मंत्रालय में प्रत्येक कार्यकाल में नए-नए DEALER आते हैं,इस दफे हरद्वानी सक्रिय हैं.हरद्वानी जैसे DEALER को पटेल जैसे घाघ की जरुरत पड़ती हैं तभी मनचाहा मलाई प्राप्त होती हैं.

पटेल के करीबी सूत्रों के अनुसार सरकार किसी की भी हो सम्बंधित मंत्रालय के अधिकृत किये गए DEALER उनकी जेब में ही रहते हैं.जिसके सहारे मनचाहा TENDER DESIGN करते हैं और गुगली खेल टेंडर हथियाते रहते हैं.DEALER सहयोगी होने के कारण मंत्रालय में उनके फाइल को कोई हाथ नहीं लगाता और फाइल समय पर भुगतान भी प्राप्त कर लेती हैं,क्यूंकि टेंडर MANAGE रहता है इसलिये मुनाफा भी बड़ा और नियमित होते रहता हैं,जिसका बड़ा हिस्सा DEALER के मार्फ़त DEALER के आका तक पहुँचता हैं.

इन दिनों पटेल-हरद्वानी की जोड़ी मंत्री के कार्यालय में अक्सर देखी जाती हैं.

कामठी में ऑक्सीजन प्लांट निर्माण में धांधली
महानिर्मिति/महावितरण के मार्फ़त कामठी में ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण किया गया था.इसके लिए पटेल ने टेंडर मैनेज कर खुद मनमाफिक टेंडर डिज़ाइन किया नतीजा लगभग 8-9 लाख का काम के लिए 25-27 लाख का टेंडर न सिर्फ जारी हुआ बल्कि पटेल को ही मिला।

दूसरी ओर ‘एश हैन्डलिंग प्लांट’ में रुपये 75 लाख की लागत से ट्यूब सेटलर इरेक्शन कार्यों की निविदा गत दिनांक 25 फरवरी 2021 को आमंत्रित की गई थी. निविदा विशेषज्ञों के अनुसार ई- निविदा क्रमांकः-KHG/CPS/TN 0698 AHP-2 RF No:-3000016327/2021 का इस्टीमेंट और निविदा नियम और शर्तें BP की कंपनी को फायदा मिलने के हिसाब से तैयार किया गया था।

निविदा तकनीशियनों के मुताबिक ई-निविदा प्रपत्र में 500 मेगावाट पावर प्लांट के ‘एश हैन्डलिंग प्लांट में माडिफिकेशन एन्ड रेक्टिफिकेशन आफ वाटम एश ओवरफ्लो’, वाटर क्लैरिफिकेशन सिष्टम,का अनोखा कार्य दर्शाया गया है। यह सब एक वरिष्ठ तकनीकी अभियंता के दिमाग़ की उपज है।निविदा प्रपत्र भरने की अंतिम तिथि 24 मार्च 2021 थी।

जिसे एक साजिश के तहत टेंडर ओपन करने मे 4 महीना विलंब किया गया है।ताकि पटेल की कंपनी ठेका मिलने में आसानी हो.यह भी टेंडर पटेल को ही मिले,इसलिए हरद्वानी सक्रीय बतलाए जा रहे.

उल्लेखनीय यह हैं कि हरद्वानी का इतिहास काफी त्याग भरा हैं,उसे यह जिम्मेदारी बड़ी त्याग करने से प्राप्त हुई हैं.इनके त्याग के लाभार्थी अपने परिजन से ज्यादा इन पर विश्वास करते और इनके लिए जूझते देखें गए.