Published On : Wed, Nov 27th, 2019

कर्ज ना मिलने के कारण पतंजली प्रोजेक्ट अटका, युवा हो रहे नाउम्मीद

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नागपुर – मिहान क्षेत्र में शुरू होनेवाले पतंजली प्रोजेक्ट में स्थानीय युवाओ के लिए 10 हजार से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराके देगे ऐसी घोषणा स्थानिय भाजप के विधायको ने की थी. पर इस प्रोजेक्ट के लिए कर्ज ना मिल पाने के कारण यह प्रोजेक्ट अधर में अटका है. रामदेव बाबा को नागपुर के मिहान क्षेत्र में फूड अ‍ॅण्ड हर्बल पार्क बनाने के लिए सस्ते दामो में जमीन भी मुहैया कराई गयी थी.

काफी लंबे अरसे से प्रलंबित मिहान प्रकल्प में नयी कंपनीयॉं शुरू करणे के लिए कोशिश की जा रही है. पिछले 3 साल पहले पंतजली प्रोजेक्ट का भूमिपूजन होने के बाद यह प्रोजेक्ट 2019 तक बनकर तैयार हो जाएगा ऐसी घोषणा की गई थी, पर अभी तक यहा पर ना कारखाना लगा और ना ही युवाओ को रोजगार मिला. उल्टा जिन कर्मचारीओ को नौकरी पर लिया था उन्हें भी कंपनीसे निकाला गया है . पतंजली के जगह पर कोई भी संयंत्र ना लगाए जाने के कारण यह प्रोजेक्ट कार्यान्वित होगा या नाही, यह संदेह हो रहा है.

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पतंजली समूह ने सिंडिकेट बँक की तरफ कर्जे की अर्जी की थी. इसके बाद बँक प्रशासनने महाराष्ट्र विमानतल विकास कंपनी (एमएडीसी) की तरफ पजंजली की जमीन के बारे में इक्वायरी की. एमएडीसी की तरफ से प्राप्त जानकारी के अनुसार पतंजली कंपनीने कर्ज हासिल करणे के लिए 95 प्रतिशत कागजात इकठ्ठा किये है. डिसंबर तक कंपनी को कर्जा मिलने की उमीद जताई जा रही है .

इस बारे में एमएडीसी विपनन व्यवस्थापक योगेश धारस्कर ने बताया कि पतंजली समूहने मिहान में करोडो रुपये का निवेश किया है. विदेशों से मशिनरी लाई गयी है . उपलब्ध जगह पर यह मशिनरी लगा कर जल्द ही टेस्ट ली जाएगी .

केवल 25 लाख रुपयो में एक एकड जमीन

रामदेव बाबा को नागपुर मिहान में पतंजली कंपनी शुरू करणे के लिए 25 लाख रुपये एकड की हिसाब से 230 एकड जमीन दी गई है . इसके तुलना में अन्य कंपनीयो को ६० लाख से १ करोड रुपये तक का भाव लगाया गया है. जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र में दूसरे उद्योजको के लिए जमींन के लिए 60 लाख रुपए से लेकर 1 करोड़ रुपए तक लिए जाते है.

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