Published On : Thu, Dec 15th, 2016

कुपोषण, बाल मृत्यु रोकने बनी टास्क फोर्स : पंकजा मुंडे

Pankaja Munde

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नागपुर:
महाराष्ट्र के पालघर समेत विभिन्न प्रान्तों में व्याप्त कुपोषण और बाल मृत्यु को लेकर आज विधान सभा में मुद्दा उठाया गया जिसके जवाब में राज्य की महिला व् बाल कल्याण मंत्री पंकजा मुंडे ने माना कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और इस मामले में राज्यपाल ने एक महत्वपूर्ण बैठक ली है.

आज विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत ये मामला उठाया गया, जिसके जवाब में पंकजा मुंडे ने कहा कि कुपोषण और बाल मृत्यु दो अलग-अलग मामले है। बैठक में टास्क फोर्स गठन करने का निर्णय लिया गया। इस समिति में आदिवासी कल्याण,स्वास्थ्य विभाग और महिला-बाल कल्याण विभाग के मंत्रियो का समावेश है। यह समिति कंसोलिडेटेड प्लान तैयार कर रही है। राज्य में बाल मृत्यु दर पहले की बनस्पत कम हुई है।

मुंडे ने बताया कि अदिवासी इलाकों के आंगनवाड़ी में बच्चो को सप्ताह में 4 दिन केले व अंडे दिए जा रहे हैं । यह योजना जल्द ही बगैर आदिवासी क्षेत्रों में भी चलाई जाएंगी। जल्द ही आदिवासी इलाकों में विलेज चाइल्ड डेवलपमेंट कैम्प शुरू किया जायेगा। राज्य के 40 ट्राइबल ब्लॉक में कुपोषण है। इन ब्लॉक के रिक्त पद जल्द भरे जायेंगे। टास्क फोर्स के तहत आदिवासी समुदाय से सम्बंधित सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जायेगा। टास्क फोर्स के अंतर्गत जच्चा-बच्चा-माता अभियान के तहत प्रशिक्षण दी जाएंगी,रोजी-रोटी के लिए पलायन कर गए आदिवासियों को उनके गांव में रोजी-रोटी हेतु स्किल डेवलपमेंट और स्वयंरोजगार योजना चलाई जाएंगी।

टास्क फोर्स की रिपोर्ट तैयार होने के बाद राज्य के मुख्य सचिव की उपस्थिति में बैठक होंगी। आदिवासियों को दी जाने वाली खाऊटी आहार के सन्दर्भ में सकारात्मक निर्णय लिया जायेगा।