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    Published On : Wed, Sep 5th, 2018

    त्रस्त आवेदकों को गुमराह कर रहा ऑर्डिनेंस फैक्ट्री प्रबंधन

    नागपुर: ऑर्डिनेंस फैक्टरी में विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया में धांधली का संगीन आरोप चिंटू कुमार ने लगाते हुए सम्बंधित प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई थी. यही नहीं न्याय न मिलने की सूरत में अदालत की शरण में जाने की चेतावनी भी दी थी. इसके बाद पुणे के खड़की स्थित गोला बारूद निर्माणी के वरिष्ठ महाप्रबंधक, नागपुर के अम्बाझरी स्थित आयुध निर्माणी भर्ती केंद्र के प्रधान निदेशक और कोलकाता स्थित आयुध निर्माणी बोर्ड के सचिव से लिखित शिकायत की. इनसे सकारात्मक जवाब न मिलने पर वे कैट, नागपुर खंडपीठ के समक्ष २२ सितंबर को प्रस्तुत करेंगे.

    याद रहे कि नागपुर के वाड़ी स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से सम्पूर्ण देश के ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है, जिसमें खुलेआम मेरिट क्रम को नज़रअंदाज कर पिछले क्रमांक को भर्ती प्रक्रिया में तवज्जों दी गई. जिससे अन्यायग्रस्त चिंटू कुमार ने ऑर्डिनेंस फैक्ट्री प्रबंधन सह अन्य को लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन शिकायत पत्र को भी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री भर्ती सेल ने अधिकृत रूप से स्वीकार करने के बजाय गुमराह करते दिखाई दे रहा है.

    ऑर्डिनेंस फैक्ट्री नागपुर की भर्ती केंद्र से १९ जून २०१७ को ऑनलाइन भर्ती विभिन्न पदों के लिए निकाली गई थी. इस भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने के लिए १९ जून से १७ जुलाई तक का समय दिया गया था. इस भर्ती प्रक्रिया में कुल ३५८१ पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जिसमें बॉयलर अटेंडेंट, डीबीडब्लू (डेंजर बिल्डिंग वर्कर), मशीनिस्ट, कारपेंटर, मेसन, इलेक्ट्रीशियन, टेलर, फिटर, फिटर इंस्टूमेंट, पाइप फिटर एवं अन्य पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

    सर्वप्रथम इच्छुक आवेदकों का चयन कर उनकी लिखित परीक्षा १० सितम्बर २०१७ को ली गई. जिसका परिणाम ओएफआरसी की वेबसाइट पर दिसंबर २०१७ के अंतिम सप्ताह में सार्वजानिक किया गया.

    इस भर्ती प्रक्रिया में पुणे स्थित एएफके के बॉयलर फिटर पद के ७ पद के लिए लगभग २५० उम्मीदवारों ने आवेदन किया था. जिसमें से सभी ने लिखित परीक्षा तो दी, उसमें से चिंटू कुमार सहित मात्र ९ ही उत्तीर्ण हो पाए. इसके बाद सभी उत्तीर्ण उम्मीदवारों की १५ से २० जनवरी २०१८ तक उनके प्रायोगिक टेस्ट व पात्रता कागजातों की जाँच जहाँ – जहाँ के लिए वेकेंसी निकली थी, वहां वहां के संबंधितों ने की. इस जाँच पड़ताल का भी परिणाम अप्रैल २०१८ में ओएफआरसी की वेबसाइट में जारी किया गया. जिसमें ९ सफल उम्मीदवारों के नाम सह मार्कशीट अंकित थे.

    इसमें २ सामान्य (भूतपूर्व सैनिक सर्वेश कुमार,भूतपूर्व सैनिक अशोक कुमार),५ ओबीसी (बचला कुर्मा राव, पवन कुमार, नंदकिशोर विश्वकर्मा, चिंटू कुमार, घनश्याम सिंह ) और २ एससी ( मनोज कुमार थेटे, अशोक गजभिव) का विवरण था. ओबीसी वर्ग के ५ चयनित उम्मीदवारों में चिंटू कुमार चौथा मेरिट दर्शाया गया और ओबीसी कैटेगरी से सिर्फ १ का ही चयन होना था. इस हिसाब से बचला कुर्मा राव का चयन निश्चित दिख रहा था.
    जिसका ‘प्रोविजनल फाइनल मेरिट लिस्ट’ ३ अगस्त २०१८ को पोर्टल पर ही जारी किया गया. जारी सूची में उक्त ९ चयनितों में से चिंटू कुमार और अशोक गजभिव का नाम नदारत था.

    उक्त परिणाम को देख मेरिट क्रमांक ४ चिंटू कुमार हैरत में पड़ गया. जब इसकी तह में गए तो जानकारी मिली कि सामान्य कैटेगरी से ५ उम्मीदवारों का चयन किया जाना था लेकिन सामान्य कैटेगरी से २ (भूतपूर्व सैनिक सर्वेश कुमार,भूतपूर्व सैनिक अशोक कुमार ) का चयन किया गया. समान्य कैटेगरी के रिक्त शेष ३ पदों पर ओबीसी से (ओबीसी श्रेणी के क्रम वार) बचला कुर्मा राव, पवन कुमार व नंदकिशोर विश्वकर्मा का चयन किया गया. इस हिसाब से ओबीसी के एक पद पर ओबीसी कैटेगरी में चौथा मेरिट चिंटू कुमार का चयन किया जाना था लेकिन उसकी जगह पांचवें मेरिट घनश्याम सिंह का चयन कर ओएफआरसी, नागपुर विवाद में आ गया.

    चिंटू कुमार के हिसाब से वे ऑर्डिनेंस फैक्ट्री भंडारा से अप्रेंटिस प्रशिक्षु हैं. इसलिए मेरिट सूची सह ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के ही प्रशिक्षु होने के कारण उनका चयन होना चाहिए था. लेकिन निजी क्षेत्र में प्रशिक्षण लेकर व हमसे ६ अंक कम लेने वाले घनश्याम सिंह का चयन कर एफआरसी ने अपनी कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है. इतना ही नहीं चयनित बचला कुर्मा राव और सर्वेश कुमार की शैक्षणित पात्रता अपूर्ण रहने के बाद भी उनका चयन किया गया.

    उक्त मामलात नागपुर टुडे में प्रकाशित होने के बाद चिंटू कुमार से ऑर्डिनेंस फैक्ट्री प्रबंधन की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर ४ से ५ दर्जन त्रस्त आवेदकों ने संपर्क कर आपबीती बतलाई. जिसमे से १२ त्रस्त आवेदकों ने सूचना अधिकार के तहत सम्बंधित विभाग से जानकारी मांग रहे है लेकिन सम्बंधित विभाग सच्चाई छिपाते हुए गुमराह कर रहा है. इनमें से आधे दर्जन आवेदक कैट की शरण में २२ सितम्बर को न्याय हेतु चिंटू कुमार सह अन्य आवेदन करेंगे.

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