Published On : Tue, Nov 5th, 2019

विपक्ष करेंगा निधि वितरण में हुई दूजाभाव की जाँच की मांग

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– आज दोपहर कांग्रेस का शिष्टमंडल का मनपायुक्त से मुलाकात होनी तय हुई थी लेकिन आयुक्त के अचानक दिल्ली दौरे पर चले जाने से कार्यक्रम रद्द किया गया

नागपुर : नागपुर मनपा में पदाधिकारियों की सिफारिशों पर मनपा प्रशासन का सम्बंधित विभाग काम के अनुरूप निधि की उपलब्धता करवाता हैं.विपक्ष का संगीन आरोप हैं कि सत्तापक्ष कार्य की महत्ता को आधार बनाने के बजाय चेहरा देख निधि का वितरण कर अन्यों पर अन्याय कर रही.इन अन्यायग्रस्त नगरसेवकों का शिष्टमंडल आज दोपहर मनपायुक्त अभिजीत बांगर से मुलाकात कर वर्त्तमान आर्थिक वर्ष में वितरित की गई निधि की जाँच की मांग सह अन्यायग्रस्त नगरसेवकों को निधि उपलब्ध करवाने की मांग करने की योजना बनाई गई थी,आयुक्त ने बाकायदा समय भी दे दिया था,लेकिन उनका अचानक दिल्ली दौरा पर जाने के कारण आज की अहम बैठक रद्द हो गई। उनके आने के बाद आयुक्त के बुलावे पर कांग्रेस का शिष्टमंडल मुलाकात करेंगा।

वर्षों पुरानी परंपरा यह हैं कि महापौर,उपमहापौर,स्थाई समिति सभापति,दुर्बल घटक समिति और इमरजेंसी में आयुक्त तय अधिकार के तहत निधि की उपलब्धता की सिफारिश करते हैं,जिसमें आयुक्त अधिकतम २५ लाख रूपए तक के अति महत्वपूर्ण प्रस्ताव को प्रशासकीय मंजूरी सीधे दे सकता हैं.महापौर,उपमहापौर,दुर्बल घटक समिति सभापति को लगभग ३ करोड़ प्रति वर्ष निधि वितरण का अधिकार हैं,वहीं स्थाई समिति सभापति को ६ करोड़ का अधिकार हैं.इसके अलावा क्यूंकि स्थाई समिति सभापति ही मनपा का वार्षिक बजट पेश करती हैं,इसलिए उनकी(महापौर ,उपमहापौर,दुर्बल घटक समिति सभापति का विशेष निधि छोड़ कर ) सिफारिश के बगैर तैयार प्रस्ताव को निधि नहीं मिल पाती।

कांग्रेस के लगभग ढाई दर्जन नगरसेवक हैं.जिसमें से अधिकांश नगरसेवकों को उनके मनमाफिक उनके प्रभागों के लिए निधि नहीं मिल रही,ऐसा पिछले वर्षों से जारी हैं.वहीं दूसरी ओर सत्तापक्ष और उनके चहेतों ( फिर कोई भी पक्ष का क्यों न हो ) को मनमर्जी के हिसाब से करोड़ों में प्रतिवर्ष निधि की उपलब्धता करवाई जा रही.

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हकीकत तो यह हैं कि सत्तापक्ष के पदाधिकारियों ने सामान निधि वितरण के वक़्त प्रभाग को तहरिज दी,इसलिए किसी नगरसेवक/पदाधिकारी/पूर्व पदाधिकारी को करोड़ों तो उसी प्रभाग के अन्य २ या ३ नगरसेवकों को लाखों में ही संतोष करना पड़ा.

इससे क्षुब्ध होकर आज दोपहर कांग्रेस के दर्जनभर नगरसेवक मनपायुक्त बांगर से मुलाकात कर अपनी गुहार लगाते हुए,किये गए निधि वितरण की जाँच करने पर दबाव बनाएंगे। इससे यह साफ़ हो जाएगा कि उक्त चारों पदाधिकारियों ने किस-किस नगरसेवकों को कितना-कितना निधि इस आर्थिक वर्ष में दिए.

इसके बाद इन उपस्थित नगरसेवकों जिन्हें महत्वपूर्ण प्रस्तावों के लिए निधि नहीं मिली,उसके लिए आयुक्त से सीधे निधि उपलब्ध करवाने की गुहार भी लगाएंगे।

इसके अलावा नगरसेवक वर्ग अपने-अपने प्रभागों से जुड़ी अन्य समस्याओं को भी आयुक्त के सामने रख,उसके उपाययोजना पर सलाह-मशविरा करेंगे।

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