Published On : Tue, Feb 26th, 2019

अरविंद इंडो स्कूल पर खेलों में हिस्सा लेने पर लगा एक साल का प्रतिबंध

जिला क्रीड़ा अधिकारी का निर्णय, पालकों में ग़ुस्सा

नागपूर: मान्यता नहीं होने के बाद भी टूर्नामेंट में स्कूल के विद्यार्थियों को शामिल करने के मामले में पारशिवनी स्थित अरविंद इंडो पब्लिक स्कूल पर जिला क्रीड़ा अधिकारी की ओर से खेलों में हिस्सा लेने पर एक साल का प्रतिबंध लगाया गया है.

नागरिक हक्क संरक्षण मंच और सूचना अधिकार कार्यकर्ता महासंघ के पदाधिकारी शेखर कोलते एवं आरिफ पटेल ने सूचना अधिकार में शिक्षा विभाग तथा क्रीड़ा विभाग व्दारा जानकारी हासिल कर पारशिवनी के अरविंद इंडो पब्लिक स्कूल के अवैध मामले शासन, प्रशासन और पालकों के सामने उजागर किए थे.


जिसमें मान्यता नहीं होने पर भी स्कूल द्वारा 8वीं के विद्यार्थियों को नियमों के विरुद्ध तथा अवैध तरीके से शालेय क्रीड़ा स्पर्धा और स्कॉउट गाईड में सहभाग कराया था. कोलते ने शिक्षा तथा क्रीड़ा विभाग के अधिकारियों के साथ ही मंत्रालय में भी इस मामले की शिकायत की थी. यह मामला हाईकोर्ट तक भी जा चुका है. इस विषय पर क्रीड़ा विभाग द्वारा इस स्कूल को अपना पक्ष रखने का कई बार मौका देने के बाद भी इस स्कूल की प्रिंसिपल ने इस मामले में आज तक सबूत या नियमानुसार जवाब देने में कोई रुचि नहीं दिखाई.

आखिर नागपुर के जिला क्रीड़ा अधिकारी अविनाश पुंड ने अपना अंतिम फैसला जाहिर करते हुए अरविंद इंडो पब्लिक स्कूल पर नियमों की अवेलहना करने के लिए आनेवाले एक शैक्षणिक सत्र तक शालेय क्रीड़ा स्पर्धा में प्रवेश पाबंदी की कार्यवाही की है.

ऐसे मामले में इस तरह की राज्य में और जिले में पहली बार ही होने की चर्चा खेल क्षेत्र में हो रही है. इस फैसले से स्कूल पर शायद ही कोई असर पड़ा हो, लेकिन विद्यार्थियों का एक साल के खेल का नुकसान होने से पालकों में स्कूल मैनेजमेंट और प्रिन्सिपल के प्रति गुस्सा बढ़ चुका है.