Published On : Wed, Sep 26th, 2018

पालकमंत्री के दबाव के चलते चुनाव के वक्त भेजा गया तड़ीपार किये जाने का नोटिस – शिवसेना उपजिला प्रमुख

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नागपुर – शिवसेना बीजेपी के बीच आपसी खींचतान सिर्फ सरकार तक सीमित नहीं है इसकी झलक ग्रामीण स्तर पर भी दिखाई दे रही है। बुधवार को नागपुर जिले की 374 ग्रामपंचायतों के चुनाव के तहत मतदान हुआ। इस चुनाव के दौरान ग्रामीण ईलाके में बड़े पैमाने पर तड़ीपार करने का नोटिस पुलिस द्वारा जारी किये जाने का आरोप शिवसेना ने लगाया है। पार्टी के उप जिलाध्यक्ष देवेंद्र गोडबोले ने पुलिस द्वारा ऐसा किये जाने की वजह पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को ठहराया है। गोडबोले के मुताबिक चुनाव से पहले तड़ीपार का नोटिस पुलिस ने जारी किया। यह काम पालकमंत्री के भारी दबाव के चलते किया गया है।

नागपुर के ग्रामीण भाग की राजनीति में गोडबोले शिवसेना की तरफ के काफी सक्रीय है। गोडबोले की पार्टी खुद मौदा तहसील के बाबदेव सर्कल से चुनाव मैदान में है। इस इलाके में शिवसेना का प्रभाव भी है। विशेष है की कामठी के साथ मौदा तहसील का कुछ भाग पालकमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में आता है। गोडबोले के मुताबिक वो चुनाव प्रचार में लगे थे इसी बीच मतदान के ठीक पहले उन्हें पुलिस का पत्र प्राप्त होता है। जिसमे कहाँ गया है की आप को तड़ीपार क्यूँ न किया जाये इसका जवाब दीजिये।

इस नोटिस को पालकमंत्री से जोड़ते हुए गोडबोले का कहना है की तड़ीपार करने के लिए गंभीर स्वरुप के अपराध दर्ज होने चाहिए। पर मुझे जो नोटिस प्राप्त हुआ है उसमे जो आपराधिक मामले दर्ज है वो राजनीतिक है। मामलों का जिक्र करते हुए गोडबोले ने बताया की विद्यार्थियों को बस मिले,टोल नाके के कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन मिले इसलिए उन्होंने आंदोलन किया था। जिसके लिए उन्होंने तड़ीपार किये जाने के संबंध में नोटिस जारी किया गया है। शिवसेना के उप जिला प्रमुख देवेंद्र गोडबोले का कहना है कि उन पर किसी भी तरह के गंभीर आपराधिक मुक़दमे न दर्ज होने के बावजूद उन्हें नोटिस भेजा जाना सिर्फ पालकमंत्री के दबाव में किया गया है।

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