
नागपुर – निवेश पर भारी मुनाफा कमाने और महज 28 महीने में रकम दोगुनी करने का लालच देकर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में रामदेवबाबा बिल्डर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों और पदाधिकारियों के खिलाफ सीताबर्डी पुलिस ने मामला दर्ज किया है। शिकायत के अनुसार, इस प्रकरण में 12 करोड़ 20 लाख रुपये की राशि का निवेश किया गया था। आरोप है कि निर्धारित समय पूरा होने के बाद भी निवेशकों को उनकी रकम वापस नहीं मिली। इतना ही नहीं, संपत्तियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें दूसरे ग्राहकों को बेचने का आरोप भी लगाया गया है।
28 महीने में रकम दोगुनी करने का दिया भरोसा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गोरेपेठ-धरमपेठ निवासी 64 वर्षीय अधिवक्ता जुगलकिशोर टीकमचंद गिल्डा ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि रामदेवबाबा बिल्डर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े लोगों ने उन्हें कंपनी की एक विशेष निवेश योजना के बारे में जानकारी दी थी। इस योजना के तहत निवेश करने पर महज 28 महीने में रकम दोगुनी होने का भरोसा दिलाया गया था।
निवेश पर कम समय में दोगुनी राशि मिलने के आश्वासन के बाद शिकायतकर्ता आरोपियों की योजना में शामिल हो गए। शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2009 से 2012 के बीच उन्होंने अलग-अलग समय पर कुल 12 करोड़ 20 लाख रुपये का निवेश किया।
समय पूरा होने पर भी नहीं लौटाई रकम
शिकायतकर्ता के अनुसार, निवेश की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद जब रकम वापस करने का समय आया, तो कथित तौर पर आरोपियों ने राशि लौटाने के बजाय उन्हें दोबारा निवेश करने के लिए प्रेरित किया। इस तरह रकम वापस मिलने की उम्मीद में मामला आगे बढ़ता रहा, लेकिन शिकायतकर्ता को कथित तौर पर उनकी पूरी राशि नहीं मिली।
आरोप है कि निवेश की रकम लौटाने के बजाय दोबारा निवेश करने का भरोसा देकर भुगतान टालने का प्रयास किया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी।
संपत्तियों के दस्तावेजों में कथित हेराफेरी
इस मामले में धोखाधड़ी का एक अन्य गंभीर पहलू भी सामने आया है। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने शिकायतकर्ता और तीन अन्य लोगों की अचल संपत्तियों से संबंधित कथित तौर पर फर्जी और जाली दस्तावेज तैयार किए। आरोप है कि इन दस्तावेजों के आधार पर संबंधित संपत्तियां दूसरे ग्राहकों को बेच दी गईं।
यदि जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो मामला केवल निवेश की रकम वापस नहीं करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें संपत्ति के दस्तावेजों में कथित हेराफेरी और संपत्तियों की बिक्री से जुड़े पहलुओं की भी जांच महत्वपूर्ण होगी।
अन्य निवेशकों के साथ भी धोखाधड़ी का संदेह
पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, क्षेत्र के अन्य निवेशकों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी किए जाने की आशंका जताई गई है। आरोप है कि निवेश पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाकर लोगों से रकम ली गई। हालांकि, इस मामले में अन्य संभावित पीड़ितों की संख्या, उनके निवेश की कुल राशि और संपत्तियों से जुड़े सभी लेन-देन की विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
अधिवक्ता जुगलकिशोर टीकमचंद गिल्डा की शिकायत के आधार पर सीताबर्डी पुलिस ने निम्नलिखित छह लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
गोपाल चांडक
मोहन चांडक
शारदादेवी चांडक
गणेश चांडक
शिल्पा चांडक
सुजाता चांडक
शिकायत में सभी आरोपियों का पता आर्वी, जिला वर्धा बताया गया है।
निवेश योजना से लेकर संपत्तियों की बिक्री तक होगी जांच
पुलिस के सामने अब निवेश योजना की वास्तविक प्रकृति, निवेश की गई राशि, भुगतान से संबंधित दस्तावेज, रकम लौटाने के आश्वासन और संपत्तियों के कथित फर्जी दस्तावेजों की जांच अहम होगी। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि संबंधित संपत्तियों की बिक्री किन लोगों को की गई और इस प्रक्रिया में किन दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ।
फिलहाल, यह मामला शिकायत में लगाए गए आरोपों और पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण पर आधारित है। आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। मामले में आरोपियों का पक्ष और पुलिस जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।



