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    Published On : Tue, May 18th, 2021

    व्यापारियों को व्यापार करने की अनुमति दें सरकार: एन.वी.सी.सी.

    व्यापारियों को व्यापार करने की अनुमति देकर आर्थिक संकट से बाहर निकाले सरकार: अश्विन मेहाड़िया

    विदर्भ के 13 लाख व्यापारियों की अग्रणी व शीर्ष संस्था नाग विदर्भ चेंबर आॅफ काॅमर्स ने विदर्भ के अध्यक्ष श्री अश्विन मेहाड़िया के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने जिल्हाधिकारी श्री रविन्द्रजी ठाकरे, एवं म.न.पा. आयुक्त श्री राधाकृष्णन बी., अतिरिक्त आयुक्त श्री राम जोशी को प्रतिवेदन द्वारा व्यापारियों को लाॅकडाउन में शिथिलता देकर नियमों के तहत व्यापार करने की अनुमति देने का निवेदन किया।

    चेंबर के अध्यक्ष श्री अश्विन मेहाड़िया ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य में सरकार ने बढ़ते हुये कोरोना महामारी के कारण अप्रैल 2021 से जीवनावश्यक वस्तुओं की दुकानों को छोड़कर सभी तरह की दुकाने बंद रखने का आदेश देकर कड़क निर्बंध लगाये है जिसे अब 31 मई 2021 तक आगे बढ़ाया है।

    किंतु नागपुर शहर में व्यापारी मार्च 2021 से ही लाॅकडाउन की मार झेल रहे है। जिसके कारण नागपुुर शहर के व्यापारियों की अर्थव्यवस्था पूर्ण तरह से अस्त-व्यस्त हो गयी है। गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी लाॅकडाउन में सबसे ज्यादा नुकसान छोटे व मझोले व्यापारी वर्ग को हुआ है और सरकार ने भी व्यापारियों की आर्थिक मदद करने के लिये कोई पैकेज की घोषणा नही की है तथा करों में व्यापारी वर्ग को कोई छुट नहीं दी है और बल्कि करों के अनुपालन संबंधी कड़े नियम लागू करते हुये जुर्माने की दर भी बढ़ा दी है। व्यापार बंद होने के कारण हमारे निम्न वर्ग कामगार, हाॅकर्स, आॅटो रिक्शा, ई-रिक्शा, चाय वाले, हाथठेला मजदुर, फुटकर नाश्ता दुकानदार इन सभी लोगों के व्यापार भी बंद है। है। व्यापारी वर्ग आर्थिक परेशानियों के कारण मानसिक रूप से भी बीमार होता जा रहा है।

    चेंबर के उपाध्यक्ष श्री संजय के. अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी वर्ग अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं तथा व्यापारी उद्योगों द्वारा निर्मित माल को उपभोक्ता तक पहुंचाकर उनकी आवश्यकता पूर्ती करता है। साथ ही व्यापारी वर्ग ही व्यापार के द्वारा टैक्स संग्रह कर सरकारी खजाने में जमा कराता है। उसी टैक्स के भरोसे सरकार चलती है। यदि व्यापार ही बंद रहेगा तो व्यापारी टैक्स कहां से भरेगा। सारी पाबंदिया व्यापारी वर्ग के लिये ही क्यों है? उद्योग जगत वस्तुओं का निर्माण करेगा किंतु थोक एवं रिटेल बाजार बंद रहेंगे तो वस्तुओं की बिक्री कहां होगी।

    3 माह से व्यापार बंद होने के कारण व्यापारी वर्ग अपने कर्मचारियों का वेतन देने में भी असमर्थ है जिसके कारण दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को भी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है तथा उनके कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को भुखे मरने की नौबत आ गयी है। घर का किराया, दैनंदिन खर्चे उठाना भी कर्मचारियों लिये असभंव हो रहा है।

    चेंबर के सचिव श्री रामअवतार तोतला ने कहा कि गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी आपके दिशा निर्देशन में नागपुर शहर ने कोरोना महामारी में बहुत ही व्यवस्थित तरीके से लड़कर कोरोना महामारी को हराने में काफी हद तक सफलता प्राप्त की है। वर्तमान में महाराष्ट्र राज्य के साथ नागपुर शहर में भी संक्रमित मरीजों की बढ़ोतरी में काफी गिरावट आयी है तथा अधिक मात्रा में मरीज ठीक हो रहे है। अतः शासन प्रशासन ने नागपुर शहर में कड़क निर्बध में शिथिलता देते हुये व्यापारियों को रियायत देकर नियमों के साथ आर्थिक गतिविधी शुरू करने की अनुमति देना चाहिये। ताकि व्यापारी वर्ग भी आर्थिक तंगी की परेशानियों से बाहर निकल सके। बढ़ता हुआ कोरोना संक्रमण हम सबकी चिंता का विषय है किंतु बाजार एवं व्यापार बंद करना इस महामारी का निवारण नहीं है। व्यापारी कोरोना महामारी से नहीं किंतु लाॅकडाउन के कारण हो रही आर्थिक तंगी से अवश्य खत्म हो जायेगा।

    म.न.पा. आयुक्त श्री राधाकृष्णन बी. ने सभी पदाधिकारियों से विस्तृत चर्चा करने के बाद कहा कि राज्यीय आपदा प्रबंधन समिती से चर्चा अनुसार यदि इसी तरह जनमानस एवं व्यापारियों का कोरोना महामारी रोकने में सहयोग प्राप्त होता रहा तो, राज्य में 1 जून 2021 से आर्थिक गतिविधियां शुरू करने का निर्णय हो सकता है। उन्होंने सभी व्यापारियों एवं जनमानस से आव्हान किया है कि दुकाने शुरू होने के बाद भी कोविड नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। व्यापारियों ने बिना मास्क के किसी ग्राहक दुकान में प्रवेश नहीं देना चाहिये तथा ग्राहकों के लिये अतिरिक्त मास्क भी दुकाने उपलब्ध कराना चाहिये। जनमानस ने भी बाजारों एवं भीड़ वाली जगह पर कोविड नियमों का पालन कड़ाई करना होगा, क्योंकि बाजार शुरू करने के पश्चात् यदि पुनः संक्रमण फैलता है और प्रशासन को लाॅकडाउन लगाने की नौबत आती है तो यह व्यापारियों, जनमानस एवं प्रशासन के लिये आर्थिक दृष्टिकोण से उचित नहीं होगा। साथ ही उन्होंने व्यापारियों से यह भी आव्हान किया कि अपनी व ग्राहकों की सुरक्षा हेतु समय-समय पर अपना व अपने कर्मचारियों कोविड टेस्ट कराते रहना चाहिये।

    इस अवसर पर चर्चा में चेंबर के सर्वश्री – अध्यक्ष – अश्विन मेहाड़िया, उपाध्यक्ष – संजय के. अग्रवाल, सचिव रामअवतार तोतला, कोषाध्यक्ष – सचिन पुनियानी कार्यकारणी सदस्य – राजवंतपाल सिंग तुली ने सहभाग लिया।

    उपरोक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति द्वारा सचिव श्री रामअवतार तोतला ने दी।

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