Published On : Fri, Mar 9th, 2018

अब रियल एस्टेट सेक्टर से जुडी शिकायतों की सुनवाई विभाग स्तर पर


नागपुर: रियल एस्टेट सेक्टर में होने वाली धोखाधड़ी की शिकायतों के लिए अब ग्राहकों को मुंबई के चक्कर नहीं लगाने पड़ेगे। महारेरा (महाराष्ट्र रियल एस्टेट रिगुलेटरी अथॉरिटी द्वारा नागपुर और अमरावती संभाग के लिए तीन बेंच की कंसिलिएशन फोरम का गठन किया गया है। आगामी 15 दिनों के भीतर महारेरा कार्यालय में फोरम अपना काम शुरू भी कर देगी। नागपुर में फोरम सिविल लाइन्स स्थित प्रशासकीय इमारत क्रमांक 1 में जल्द शुरू होने वाले कार्यालय से फोरम के कामकाज का संचालन होगा। शुक्रवार को महारेरा के सचिव वसंत प्रभु ने पत्रकार परिषद में यह जानकारी दी।

रियल एस्टेट जगत से घर पाने का सपना रखनेवालों के साथ होनेवाली धोखाधड़ी या गड़बड़ियों की शिकायत के लिए अब तक मुंबई स्थित महारेरा के दफ़तर जाना पड़ता था। लेकिन इस व्यवस्था के बाद नागपुर और अमरावती में ग्राहक अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इस फोरम में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत और क्रेडाई के तीन-तीन सदस्यों को लेकर बनाया गया है। फोरम में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के अध्यक्ष गजानन पांडे, नरेंद्र कुलकर्णी और अधिवक्ता गौर चंद्रायण रहेंगे वही क्रेडाई के तरफ से संतु चावला, सुनील दुधलवार और प्रशांत सरोदा का समावेश है। दोनों संस्थाओं के एक एक सदस्य का एक बेंच होगा जो सुनवाई करेगा। राज्य में रेरा एक्ट लागू होने के बाद मुंबई में 10 और पुणे में 5 बेंचों का गठन किया गया था। लिहाजा रियल एस्टेट से जुड़ी समस्याओं को लेकर ग्राहकों को मुंबई या पुणे जाना पड़ता था, अब इस नए फोरम से लोगों को राहत मिलेगी। प्राथमिक स्तर की शिकायतों के निवारण हेतु ऑनलाइन 1000 रुपए भरकर इस फोरम में सुनवायी कराई जा सकती है। निर्णय मिलने पर उससे असहमति होने पर उसे नकारा भी जा सकता है और 5 हजार रुपए भरकर मुंबई स्थित बेंच के लिए गुहार लगाई जा सकती है।

वसंत प्रभु ने राज्य में महारेरा अधिनियम के कामकाज पर सतोष जताया। उनके अनुसार रेरा अधिनियम के तहत देश भर में तकरीबन 20 हजार परियोजनाएं पंजीकृत हुए हैं, जबकि महाराष्ट्र में अकेले 15500 परियोजनाएं पंजीकृत हो चुकी हैं। इन पंजीकृत प्रोजेक्ट में से 1900 शिकायतें मिली हैं जिसमें से 900 शिकायतों का निवारण भी किया जा चुका है।