Published On : Wed, Dec 13th, 2017

अब मोदी को घुमाने वाले सी-प्लेन के करांची रूट पर विवाद

PM Modi in Seaplane
नई दिल्ली: पाकिस्तान और भारत का रिश्ता बेजोड़ है। यलगार और ललकार के साथ-साथ अब सूबे के चुनावों में भी जिक्र-ए-यार बखूबी हो रहा है। पहले तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेसी नेताओं पर पाकिस्तान कनेक्शन का आरोप जड़ा, फिर अब सी-प्लेन के पाकिस्तानी रूट को लेकर कांग्रेस ने पीएम पर तंज कसना शुरू कर दिया है। जबकि पाकिस्तान खुद को भारत की सियासत में ‘घसीटे’ जाने से बेहद दुखी है।

मंगलवार को पीएम मोदी ने सी-प्लेन में साबरमती से धरोई डैम की उड़ान भरी। इसे भाजपा ने गुजरात के विकास का प्रदर्शन करार दिया। लेकिन पीएम मोदी की इस उड़ान के बाद कांग्रेस की ओर से कुछ अलग ही प्रतिक्रिया आई। कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने ट्वीट करके कहा है, ”मोदी जी की पाक प्रेम की एक बार फिर खुली पोल, मोदी जी का सी प्लेन, पाकिस्तान से आया था”


अखिलेश प्रताप सिंह ने जिस ट्वीट को साझा किया है उसमें लिखा है, “क्यों प्रधानसेवक ने पाकिस्तान की मदद से सीप्लेन मंगवाया? कराची से आए सीप्लेन में प्रधानसेवक का बैठना उचित था? ऐसी नीच राजनीति से साहब को बचना चाहिए या नहीं?”

सी-प्लेन के साथ-साथ ये बातें भी उड़ रही हैं…

दरअसल, मंगलवार को जब 6 सीटों वाला 700 केजी का यह सीप्लेन प्रधानमंत्री को अपने साथ लेकर उड़ा तब कई बातें भी उड़ने लगी। प्रधानमंत्री मोदी साबरमती नदी में सी-प्लेन उतारकर इतिहास बना रहे थे। वहीं कांग्रेस इसे ‘हवा-हवाई’ बता रही थी। शाम होते-होते कुछ और तथ्य भी सामने आए, फिर क्या था ‘पाकिस्तान कनेक्शन’ का करारा वार कांग्रेस की ओर से पीएम की ओर मुड़ गया।

विवाद का जड़ रूट को लेकर है। कहा जा रहा है कि सी प्लेन इस महीने की शुरुआत में (यानी 3 दिसंबर) मुंबई में आने से पहले पाकिस्तान के कराची के नजदीक में था।

इसके अलावा सुरक्षा और खर्च को लेकर भी पीएम मोदी पर निशाना साधा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक साबरमती से धरोई डैम की उड़ान में करीब 42 लाख का खर्चा आया। वहीं उड़ान के दौरान सुरक्षा नियमों का उल्लंघन के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।

पीएम ने कांग्रेस पर लगाए थे ये आरोप
रविवार (10 दिसंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात चुनाव में पाकिस्‍तान का ‘हाथ’ होने का आरोप लगाया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया था कि विपक्षी दल के नेताओं ने मणिशंकर अय्यर के उन्हें ‘‘नीच’’ कहने से एक दिन पहले पाकिस्तान के मौजूदा एवं पूर्व अधिकारियों के साथ एक गुप्त बैठक की थी। मोदी ने दावा किया कि पाकिस्तान गुजरात चुनाव में हस्तक्षेप करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि कांग्रेस ने बैठक की बात तो स्वीकार की लेकिन इस दौरान गुजरात चुनाव को लेकर किसी भी तरह की चर्चा किए जाने से इंकार किया।

ऐसे में मौका मिलने पर कांग्रेस के नेतागण पाकिस्तान का नाम लेकर प्रधानमंत्री पर पलटवार करने से कैसे चूक सकते हैं?