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Published On : Fri, Oct 19th, 2018

काछीपुरा के २७ प्रतिष्ठानों से बक़ाया ९० लाख वसूलने नोटिस जारी

२० तक अल्टिमेटम फिर जप्ती कार्रवाई की चेतावनी

नागपुर : नागपुर महानगरपालिका की कड़की से सभी चिंतित हैं. राज्य सरकार ने भी साफ़ शब्दों में निर्देश दिया कि सरकारी अनुदान पर आश्रित रहने के बजाय कर संकलन को बढ़ाना होगा. जिसके बाद से मनपा का संपत्ति कर, नगर रचना, बाजार विभाग सक्रिय हो गया और अब जलप्रदाय विभाग भी २२ अक्टूबर से मुहिम छेड़ने वाला है.

इसी क्रम में सम्पत्तिकर विभाग समिति सभापति संदीप जाधव के कड़े रुख पर मनपा सम्पत्तिकर विभाग ने सभी १० जोन को संपत्ति कर संकलन को गंभीरता से करने के लिए कहा है. इस क्रम में धरमपेठ ज़ोन अंतर्गत रामदासपेठ स्थित काछीपुरा में पंजाबराव कृषि विद्यापीठ की जमीन पर बसे २७ प्रतिष्ठानों पर बक़ाया ९० लाख रुपए की वसूली करने का याद आया जिसके बाद नोटिस जारी किया गया. नोटिस के अनुसार आगामी २० अक्टूबर तक उक्त प्रतिष्ठानों को बकाया चुकाने कहा गया है. ऐसा नहीं करने पर २२ अक्टूबर से सम्पत्तिकर विभाग जप्ती की कार्रवाई करेगा.

विभाग के सूत्रों के अनुसार सम्पत्तिकर विभाग के तत्कालीन सभापति के निर्देश पर सभी जोन के शीर्ष १० बकायेदारों के प्रतिष्ठान के समक्ष ढोल बजाकर उन्हें बकाया कर भरने के लिए प्रेरित किया गया था. इस सिलसिले में काछीपुरा के बकायेदारों के प्रतिष्ठान के समक्ष ढोल बजाये गए थे. इनमें से कुछ के लिए कुछ सफेदपोश दलाल सम्पत्तिकर विभाग के दिग्गज अधिकारियों से समन्वय कर बकाया राशि कम करने की कोशिश करने में जुट गए हैं.

इसके अलावा विष्णु की रसोई,सरदार की रसोई,साई वाटिका लॉन,ग्रीन डायमंड लॉन,पूर्व सांसद की दानापानी और वैष्णवी लॉन,भरत लॉन,एनएच-७,अष्टविनायक कैटर्स,वैभव लक्ष्मी लॉन,आधा दर्जन डेकोरेशन वाले,हुंडई ऑटो सर्विसेस जैसे प्रतिष्ठान अनाधिकृत रूप से निर्माण कर बिना अनुमति के व्यवसाय कर रहे हैं. मनपा अधिनियम की धारा २६७ ए के अनुसार हर वर्ष संपत्ति कर की दोगुनी राशि बतौर जुर्माना भरने का नोटिस उक्त प्रतिष्ठानों को थमाया गया है, लेकिन किसी ने इस नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया. अब मनपा ने उन्हें अंतिम नोटिस देकर भविष्य में जल्द होने वाली कार्रवाई से उक्त प्रतिष्ठानों को अवगत करवा दिया है.

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