
File Pic
नागपुर.
मार्च महीना खत्म होते होते बियर बार चालकों को बड़ा झटका तब लगा जब सुप्रीम कोर्ट ने बियर बारों को भी रिव्यु पेटिशन में राहत प्रदान नहीं की। इस फैसले से राष्ट्रीय के साथ राज्य महामार्गों से 500 मीटर के दायर में आनेवाले बियर बारों समेत सभी शराब दुकानों के लिइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। इससे अकेले नागपुर जिले में 73 प्रतिशत शराब बिक्री केंद्र बंद पड़ जाएंगे। महाराष्ट्र राज्य में राजस्व विभाग को अकेले इस आदेश से 3 हजार करोड़ रुपए के नुकसान का अंदेशा है।
बता दें कि नागपुर जिले में अकेले विभिन्न 1188 शराब बिक्री केंद्र हैं इसमें से अदालत के आदेशों के अधीन 871 शराब दुकानें आ गई हैं। बियर बार 680 हैं जिसमें से 543 बियर बारों के लाइसेंस रद्द हो जाएंगे। वहीं वाइन शॉप 115 में से 63, देशी शराब की 289 में से 198 और बियर शॉप की 104 दुकानों में से 67 बियर शॉप के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। 31 मार्च तक अदालत के आदेशों के अधीन आनेवाले शराब बिक्री केंद्र के लाइसेंस रद्द माने जाएंगे। जिला उत्पादन शुल्क अधीक्षक स्वाति काकडे ने बताया कि बियर बारों को भी अदालती आदेशों के अधीन रखा गया है। लिहाजा उन्हें कोई राहत नहीं मिलेगी। अदालती आदेशों के निर्देषित दायरे के भीतर शराब दुकानें बंद कर दी जाएंगी।
16 साल की नाबालिग को शादी का झांसा देकर यौन शोषण का...
Jalgaon में नकली देशी शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़!#FakeLiquor #MaharashtraNews #Excise #CrimeNews
Nagpur Crime: 14 साल की बेटी के कथित यौन शोषण का आरोप...
एनआईटी कार्यालय में महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ का आरोप
भिवंडी में खेत की जमीन पर कब्जे का आरोप
मुंबई आंदोलन पर जरांगे पाटील का बड़ा ऐलान.. #Jarange #MarathaReservation #MumbaiProtest #News


