Published On : Fri, Jul 8th, 2016

मनपा दमकल प्रमुख फॉर्च्यून मॉल पर अपने रुख से क्यों बदल गए?

The facade of Fortune Mall
नागपुर:
महानगर पालिका के दमकल विभाग प्रमुख राजेन्द्र उचके की कार्यप्रणाली पर इन दिनों संदेह की उंगलियां उठ रही है। वजह है श्री उचके द्वारा मुंजे चौक स्थित फॉर्च्यून मॉल को अपर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था के चलते पहले आमजनों के लिए असुरक्षित घोषित किया जाना और फिर अचानक उसी प्रतिष्ठान को आग नियंत्रक व्यवस्था स्थापित करने के लिए एक लंबी अवधि की मोहलत दे देना। पहले जहाँ राजेन्द्र उचके ने मनपा के नियमों का हवाला देकर फॉर्च्यून मॉल में अपर्याप्त अग्निशमन सुरक्षा उपकरणों के न होने की वजह से सख्त कार्रवाई की बात सार्वजनिक तौर पर कह रहे थे, वहीं अब अचानक उनके सुर बदल गए हैं और वह फॉर्च्यून मॉल के संचालकों को सुरक्षा उपकरण लगाने के लिए लंबी मोहलत देने की औपचारिकता निभा रहे हैं।

इस संबंध में जब नागपुर टुडे ने मनपा दमकल विभाग प्रमुख राजेन्द्र उचके से बात की तो उन्होंने कहा कि फॉर्च्यून मॉल के प्रबंधन ने जल्द से जल्द अग्निदमन सुरक्षा उपकरण लगाने का आश्वासन दिया है और उन्होंने इसके लिए निविदा जारी कर और आपूर्ति करने वाले के चयन की प्रक्रिया भी शुरु कर दी है। श्री उचके का तर्क है कि एक बार उन्हें मौका देना न्यायसंगत प्रक्रिया है।

लेकिन नागपुर टुडे के विश्वस्त सूत्रों से मालूम हुआ है कि मनपा दमकल प्रमुख राजेन्द्र उचके असल में फॉर्च्यून मॉल के लिए अपने रवैए में नरमी किसी प्राशसनिक एवं राजनीतिक दबाव के चलते दिखा रहे हैं। शहर में ऐसे दर्जनों प्रतिष्ठान हैं जहाँ अग्निशमन अथवा आग से बचाव के उपकरण नहीं लगाए गए हैं, तो क्या राजेन्द्र उचके उन सभी प्रतिष्ठानों के लिए यही नरमी दिखाएंगे, जो फॉर्च्यून मॉल के लिए इन दिनों वह दिखा रहे हैं? क्या उन सभी प्रतिष्ठानों को भी वह वही कथित न्यायसंगत मौका देंगे, जो लंबी अवधि के लिए फॉर्च्यून मॉल के संचालकों को दिया गया है?

Gold Rate
May 05- 2026 - Time 10.30Hrs
Gold 24 KT ₹ 1,48,800 /-
Gold 22 KT ₹ 1,38,400 /-
Silver/Kg ₹ 2,47,500/-
Platinum ₹ 90,000/-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

मनपा के दमकल प्रमुख के इस रवैये से कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े हुए हैं कि क्या नियमों की जानबूझकर अनदेखी करने वाले को अधिकारी अपनी मर्जी से क्लीन चिट देने के लिए अधिकृत हैं? क्या उनका काम नियमों के उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई और उनको दंडित करना है कि उनके लिए न्यायसंगत मौके बनाना? यदि इस दौरान आगजनी की कोई घटना हो जाए तो उसके लिए किसे दोषी माना जाएगा-उस प्रतिष्ठान को या फिर उस प्रतिष्ठान को न्यायसंगत मौका देने के निजी काम करने वाले अधिकारी को?

बहरहाल, राजेन्द्र उचके द्वारा फॉर्च्यून मॉल के मामले में अपनाए जा रहे दोहरे रवैये की वजह से शहर के प्राशासनिक और व्यापारिक हलकों में चर्चा का बाजार गर्म है और ईमानदारी से अपना काम करने वाले श्री उचके के आचरण से क्षुब्ध हैं।

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Advertisement
Advertisement