Published On : Wed, Mar 15th, 2017

एकमुश्त संपत्ति कर भरो और 90% शास्ति से मुक्ति पाओ

नागपुर टुडे –

मनपायुक्त, महापौर, उपमहापौर, स्थायी समिति अध्यक्ष व सत्तापक्ष नेता ने संयुक्त पत्रपरिषद के माध्यम से बकाया संपत्ति करदाताओं से संपत्ति कर वसूलने हेतु ‘अभय योजना’ शुरू करने की जानकारी दी। इस योजना का पहला चरण कल 16 मार्च से शुरू होने जा रहा है, जो कि 23 मार्च तक जारी रहेगा। इस चरण में जो भी बकायेदार एकमुश्त संपत्ति कर अदा करेगा, उसे 90% शास्ति ( बकाया संपत्ति कर पर जुर्माने स्वरुप लगा मासिक व्याज) माफ़ किया जायेगा। इन बकायेदारों को मूल संपत्ति कर के साथ लगाये गए सिर्फ 10% ब्याज ही कर के रुप में भरना होगा।

 


इस योजना का दूसरा चरण 24 मार्च से शुरु होगा, जो कि 31 मार्च तक जारी रहेगा।इस चरण के तहत लाभार्थियों को कुल बकाया कर में लगाये गए जुर्माना ब्याज से 75% माफ़ किया जायेगा।इस चरण के लाभार्थियों को एकमुश्त मूल संपत्ति कर के साथ मात्र 25% शास्ति भरना पड़ेगा। मनपा का संपत्ति कर बकायेदारों पर सिर्फ मूल संपत्ति कर 191 करोड़ रुपए का है। इसमें शास्ति नहीं जुड़ी है। प्रशासनिक सह संपत्तिकर धारकों संबंधी नाना प्रकार के अड़चनों के कारण उक्त बकाया वर्ष दर वर्ष बढ़ते गया।मनपा संपत्ति कर विभाग में पर्याप्त कर्मी मौजूद है, इस दौरान लापरवाही करने वाले कर्मियों को बख्शा नहीं जायेगा। संपत्ति कर भरने के लिए कैशलेस,ऑनलाइन सह अतिरिक्त केंद्र की व्यवस्था की गई है।

आयुक्त ने संपत्ति कर के बकायेदारों से अपील की है कि उक्त योजना का लाभ उठा कर बकाया कर के बोझ से मुक्ति पाएं। इस योजना के समाप्ति के बाद जब्त किये 232 संपत्ति धारकों को दिए गए अवसर के बावजूद अगर बकाया कर नहीं भरे तो उनकी जब्त संपत्ति नीलाम की जाएगी। उल्लेखनीय यह है कि एमएमसी एक्ट के तहत मनपायुक्त को शत-प्रतिशत शास्ति माफ़ करने का अधिकार है, इसके बावजूद मनपायुक्त ने उक्त योजना के तहत 2 चरणों में क्रमशः 90% व 75% शास्ति माफ़ कर रहे हैं। उनका मानना है कि पूर्ण माफ़ी उचित नहीं एवं दीर्घ काल तक योजना शुरू रखना भी ठीक नहीं है। मूल संपत्ति कर न भरने वाले पर मासिक 2% शास्ति लगाया जाता है।इस योजना के पीछे का उद्देश्य यह भी है कि मनपा इन दिनों काफी अड़चनों विशेष कर आर्थिक अड़चनों से गुजर रही है।इस चक्कर में मनपा कर्मियों का वेतन सह ठेकेदारों का बिल बड़े पैमाने में बकाया है। भविष्य में इससे निजात पाने हेतु इस पहल को सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है।