Published On : Mon, May 15th, 2017

मनपा स्वास्थ्य उपसंचालक निलंबित, कचरा व्यवस्थापन के लिए नियुक्त कंपनी को फायदा पहुँचाने का आरोप

Milind Ganvir
नागपुर
: शहर में कचरा संकलन करने वाली कंपनी मेसर्स कनक रिसोर्सेस मॅनेजमेंट लिमिटेड को फ़ायदा पहुंचाने के आरोप में मनपा के स्वास्थ्य उपसंचालक को निलंबित कर दिया गया है। गणवीर पर कंपनी को जानबूझकर लाभ पहुँचाने का आरोप लगा जिसके बाद मनपा द्वारा की गई जाँच में कंपनी को फ़ायदा दिलाने के लिए गणवीर द्वारा करार की शर्तो को बदले जाने की बात सामने आयी। सोमवार मनपा स्थाई समिति ने गणवीर के निलंबन के फ़ैसले के साथ मामले की जाँच का आदेश जारी किया।

शहर में कचरे के व्यवस्थापन के लिए वर्ष 2008 में मनपा में कंपनी के साथ करार किया था। यह कंपनी सामने आने के बाद कचरे के व्यवस्थापन की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी इतना ही नहीं बीते वर्षो में कंपनी की कार्यप्रणाली की वजह से आम जनता को भारी समस्याओं का सामना भी करना पड़ा।

शहर में घर घर जानकर कचरे के संकलन के लिए मनपा ने कनक कंपनी के साथ 1 मार्च 2008 को 10 वर्षो के लिए करार किया था। करार के अनुसार 31 मार्च 2018 तक शहर से कचरा भांडेवाडी डम्पिंग यार्ड तक पहुँचाने के लिए 449 रूपए प्रति टन भुगतान के साथ बदलते दर के साथ ईंधन और अन्य खर्चों के लिए दर तय की गयी थी। लेकिन बाद में नियम को बदल कर 1033. 68 रूपए प्रति टन के भुगतान का फ़ैसला लिया गया। अप्रैल 2016 कंपनी द्वारा मनपा को पहली तिमाही का प्रस्तुत बिल 1606. 69 रूपए की दर से जमा कराया गया। कंपनी ने दलील दी की कामगार विभाग की अधिसूचना के हिसाब से उसे कामगारों को वेतन देना है इसलिए उसे इसी दर के हिसाब से भुगतान किया जाये। कंपनी द्वारा प्रस्तुत बिल में करार का उल्लंघन होने की बात वरिष्ठ अधिकारियो के ध्यान में आने पर मामले की जाँच की गयी ,जिसमे यह बात साफ़ हुई की कंपनी के पास कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन देने की रकम करार द्वारा किये जा रहे भुगतान से ही आसानी से निकल रही है।

बहरहाल कंपनी की परिप्रणाली से नाखुश मनपा अब कचरे के व्यवस्थापन के लिए नई कंपनी नियुक्त करने की तैयारी में है आगामी कुछ महीनों में दूसरी कंपनी की नियुक्त की जाएगी तब तक कनक को 1306. 87 रूपए प्रति टन के हिसाब से भुगतान किया जायेगा। वर्तमान स्थिति में शहर से करीब एक हज़ार मेट्रिक टन कचरे व्यवस्थापन हो रहा है। फ़ैसले की जानकारी देते हुए स्थाई समिति अध्यक्ष ने बताया की गणवीर पर महाराष्ट्र नागरी सेवा अधिनयम के उल्लंघन के नियम 1979 के तहत इस मामले की विभागीय जाँच के आदेश दिए गए है। इस मामले की मनपा के कई अधिकारी जाँच कर रहे है जिसे बंद कर अब खुद आयुक्त जाँच कर तीन महीने के भीतर रिपोर्ट स्थाई समिति को सौपेंगे।