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Published On : Thu, Oct 11th, 2018

थोथी आश्वासन नहीं सिर्फ बकाया भुगतान चाहिए

नागपुर: मनपा प्रशासन अपनी खामियों को छुपाते हुए ठेकेदारों का पिछले ६ माह से भुगतान रोक,उन पर कहर ढा रही हैं.अब जबकि सारी हदे पार हो गई तब पिछले २ दिन से मनपा ठेकेदार संगठन अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन का रुख अख्तियार किये हुए हैं.

हालांकि ठेकेदार संगठन के आंदोलन में उनके संख्याबल के हिसाब से अल्पमत दिखी।फिर भी उपस्थित ठेकेदारों ने बकाया भुगतान के लिए लगातार दूसरे दिन आंदोलन कर मनपा प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।वर्त्तमान में हालात इतनी ख़राब हो चुकी हैं कि ठेकेदार मनपा के ठेकों से दुरी बनाये हुए हैं.

ठेकेदारों के पिछले ६ माह के बकाया न मिलने से वे अनगिनत संकटों से जकड़े हुए हैं.मनपा की वर्त्तमान आर्थिक स्थिति बद से बत्तर होने के कारण ठेकेदार ठेके लेने से घबरा रहे हैं ,कि काम करने के बाद भुगतान मिलेंगा या नहीं।क्यूंकि मनपा प्रशासन पिछले ६ माह का बकाया लौटाने के नाम पर ठोस समयावधि बताने के बजाय जितनी मुँह उतनी बातें कर रहा हैं.

कल गुरुवार को सबकी सहमति से ठेकेदार ठिया आंदोलन के अलावा “भीख मांगो” आंदोलन करेंगे।

इस अवसर पर संजीव चौबे,मतीन अहमद, सुभष घाटे,केवी नायडू, राजेश बाजोरिया, उमेर, राकेश बालसराफ़,मुकेश जनबन्धु,अखिल नगरारे, संजय रामटेके, नंदू थोठे,अहमद अली, योगेश बघेले, नासिर काज़ी, नवाज़ भाई, अशोक राठी,फूलसिंह भामरे,आर स नायडू, विक्रम लुल्ला, घनश्याम उपाध्याय, प्रमोद ठाकरे, गोकुलदास पाटिल, प्रकाश गोरले, सचिन माने, अमज़द खान, कपिल मैदामवार, विशाल ओबेराय, योगेश पेठे, मुकेश जनबन्धु, महेंद्र सोनटक्के, प्रशांत वाहा ने, आतिश गोटे, महादेव सोमकुंवर, रामकृष्ण वाकोडिकर, कांशीराम यादव, शाहिद खान, अनूप भूते, सद्दाम अशरफी, दीक्षांत गजभिये, जयपुरिया, समरेश प्रसाद आदि शामिल थे.

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