Published On : Fri, Feb 9th, 2018

​राजनितिक दबाव के चलते फुटाला के दुकानदार काट रहे मजे

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नागपुर: वर्षों तक बदहाल पड़े फुटाला के आसपास कृषि विभाग की भूमि को पहले तो धोखाधड़ी कर नागपुर सुधार प्रन्यास ने एक अनुभवहीन ठेकेदार को राजनितिक दवाब में विकास करने के लिए दे दिया. फिर इस अनुभवहीन मेसर्स सेल एड ने करार का उल्लंघन कर डेढ़ दर्जन व्यवसायिकों को महंगे में किराए पर दे दिया. जब दुकानदारों ने ठेकेदार को किराया देने में आनाकानी शुरू की तो मामला न्यायालय तक पहुंच गया. इसके बाद नासुप्र ने ठेकेदार को अतिरिक्त मोहलत के बाद बर्खास्त कर दिया. बाद में वर्तमान दुकानदार नासुप्र से सीधे व्यवहार के लिए आज तक प्रयास करते दिखे. इस चक्कर में नासुप्र और मनपा की करोड़ों की आय को चुना लग गया. उक्त दोनों प्रशासन गंभीर नहीं होने से वर्तमान दुकानदार और बर्खास्त ठेकेदार मजे काट रहे हैं, उक्त आरोप भ्रष्टाचार विरोधी जनमन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने लगाया है.

अग्रवाल के अनुसार उक्त ठेके को 17 फरवरी 2010 को नासुप्र ने दिया था. जिसके अनुसार ठेकेदार को 20 फ़ूड कीओस्क बनाने की अनुमति दी गई थी. जिसके बदले में ठेकेदार द्वारा प्रथम वर्ष 1627004 रुपए, द्वितीय वर्ष 1789704 रुपए, तीसरे वर्ष 1968675 रुपए, चौथे वर्ष 2165542 रुपए व पांचवें वर्ष 2382097 रुपए किराया नासुप्र को देना तय किया गया था. परन्तु शर्तों के विपरित 20 से अधिक फ़ूड कीओस्क निर्माण कर किराए पर दिए गए. मंजूर नक़्शे में दिखाई गई पार्किंग की जमीन पर भी निर्माणकार्य किया गया.

अग्रवाल ने आगे जानकारी दी कि आज की सूरत में मेसर्स सेल एड पर 4131790 रुपए किराए के और 1116782 रुपए शासकीय सेवा कर के बकाया हैं. नासुप्र द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ठेकेदार पर कुल बकाया 5248572 रुपए है. बकाया चुकता करने के सन्दर्भ में नासुप्र ने ठेकेदार मेसर्स सेल एड को 5 अगस्त 2016, 2 सितम्बर 2016, 30 नवंबर 2016, 6अप्रैल 2017 को नोटिस जारी कर चुका है.

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इसके अलावा मनपा सम्पत्तिकर विभाग का भी उक्त ठेकेदार के साथ दुकानदारों पर करोड़ों का बकाया है. वर्ष 2015 तक मेसर्स सेल एड पर 152983 रुपए, कावेरी क्रिएशन पर 18,15,411 रुपए, ओम असोसिएट्स पर 2234370 रुपए, सिकंदर पाल सिंह पर 1114472 रुपए, मोहम्मद शकील पर 964749 रुपए, शैलेन्द्र शर्मा पर 439683 रुपए, बब्बूस पर 26664 रुपए, श्रीमती शहनाज़ खान पर 5515660 रुपए, दिव्या फ़ास्ट फ़ूड पर 8171219 रुपए, गायत्री फ़ास्ट फ़ूड पर 788282 रुपए, शिल्पी अजय बागड़ी पर 1306281 रुपए, राहुल नागुलवार पर 6836388 रुपए, श्रवण चिंतामण इवनाते पर 408563 रुपए, कमलेश साहनी पर 468660 रुपए, सुब्रोतो सिन्हा पर 146456 रुपए बकाया था. दुकानदारों के सूत्रों के अनुसार किसी ने भी उक्त बकाया नहीं भरा,इसलिए उक्त राशि में बढ़ोत्तरी हुई है.

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अग्रवाल ने नासुप्र और मनपा प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगते हुए मांग की कि मामूली बकायेदारों पर संपत्ति जप्ती और निलामी करने में जरा भी हिचकिचाते नहीं है. फिर उक्त बकायेदारों को संरक्षण देने कौन विशेष रुचि दिखा रहा. उक्त दोनों प्रशासन प्रमुखों ने समय रहते उक्त बकाया वसूली नहीं की तो हमें न्यायालय में गुहार लगानी पड़ेगी. इससे होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी उक्त दोनों प्रशासनों की होगी.

– संजय अग्रवाल, अध्यक्ष, भ्रष्टाचार विरोधी जनमन, धरमपेठ, नागपुर, मोबाइल – 09422828682.

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