Published On : Tue, Oct 9th, 2018

VIDEO: ब्रम्होस जासूसी केस – आरोपी निशांत अग्रवाल के पिता ने कहाँ मुझे नहीं लगता बेटा दोषी है

Advertisement

नागपुर: नागपुर – जासूसी के मामले में नागपुर से गिरफ्तार युवा वैज्ञानिक निशांत अग्रवाल के पिता डॉ प्रदीप अग्रवाल के मुताबिक उनका बेटा आरोपी नहीं है। नागपुर स्थित ब्रम्होस ऐयरोस्पेस सेंटर में कार्यरत निशांत को पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आयएसआय और अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी को मिसाइल से जुडी जानकारियाँ साझा करने के आरोप के तहत गिरफ्तार किया गया है। मंगलवार को उसे नागपुर के सेशन कोर्ट में पेश किया गया जहाँ अदालत ने उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। निशांत पर आरोप है कि उसने देश की सुरक्षा की अहम जानकारिया साझा की है। नागपुर के उज्जवल नगर में किराये से मकान में रहने वाले निशांत को यूपी एटीएस और महाराष्ट्र एटीएस की टीम ने सोमवार सुबह गिरफ्तार किया गया था। आरोपी के पिता के मुताबिक उन्हें व्यक्तिगत तौर पर नहीं लगता कि उनका बेटा गुनेहगार है। उसे आरोपी साबित करने वाले सबूत भी उनके समक्ष अब तक नहीं आये है। मामला कोर्ट में है इसलिए अदालत को अब तय करना है कि वह आरोपी है या नहीं । अगर अदालत में उनका बेटा दोषी साबित होता है तो वो एक पिता होने के नाते यक़ीनन ऊपरी अदालत में उसे बचाने के लिए गुहार लगाएंगे।

निशांत बीते चार वर्षो ने ब्रम्होस मिसाइल प्रोजेक्ट में बतौर साइंटिस्ट कार्यरत था। नागपुर आने से पहले वो हैदराबाद में कार्यरत था, और चार महीने पहले ही उसका विवाह भी हुआ है। मूलतः उत्तराखंड के रुड़की के निवासी निशांत से कुरुक्षेत्र के एनआइटी कॉलेज से पढाई की थी। चार वर्ष पहले ब्रम्होस प्रोजेक्ट से जुड़ने वाले निशांत को वर्ष 2017-18 में बेस्ट साइंटिस्ट का अवार्ड भी प्राप्त हुआ है। सोशल मीडिया में काफी एक्टिव निशांत की फेसबुक में पोस्ट फोटो को देखने पर पता चलता है की उसे मंहगी गाड़ियों और घूमने का काफ़ी शौक है।

Gold Rate
Aug 27 ,2026 - Time 10.30Hrs
Gold 24 KT ₹ 1 60,000 /-
Gold 22 KT ₹ 1,48,500 /-
Silver/Kg ₹ 2,41,500/-
Platinum ₹ 88,000/-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

निशांत के पिता ने पत्रकारों को बताया की उन्हें अब तक इस मामले की पूरी जानकारी उन्हें नहीं है। फिर भी अदालत अगर उसे दोषी मानती है तो वह दोषी की रहेगा। फिर भी उसका पिता होने के नाते वो उसे बचाने का हर संभव प्रयास करेंगे। निशांत पर आरोप है कि उसने मिसाइल की डिजाइन ,स्केच,प्रोजेक्ट रिपोर्ट,तकनीकी जानकारियाँ साझा किया है। यह पूरा मामला हनीट्रैप से जुड़ा हुआ है। नकली फेक आईडी के माध्यम से पाकिस्तान की आयएसआय एजेंसी ने उससे संपर्क किया। जिसके बाद वो हनीट्रैप के जाल में फंस गया।

यह मामला सामने आने के बाद निशांत के फेसबुक पर उससे लोग उससे असंवेदनशील भाषा का प्रयोग कर उसे देशद्रोही करार दे रहे है।

Advertisement

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges

Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.