Published On : Fri, Nov 9th, 2018

बसों के पंजीयन के लिए एनआईसी और वाहन ४ पोर्टल में तकनीकी खामियां

Advertisement

अड़चनों का सामना करना पड़ रहा : शैलेंश पांडे

नागपुर: पूजा-वैष्णवी ट्रेवल्स के संचालक शैलेश पांडे ने कहा कि बसों के पंजीयन के लिए एनआईसी पोर्टल और वाहन ४ पोर्टल तकनीकी खामियां होने के कारण तथा होमोग्लोशन में सीटिंग कपीसिटी का कॉलम ब्लॉक होने की वजह से आरटीओ को सम्बंधित शुल्क/कर लेने में दिक्कतें आ रही थीं. इन वाहनों का पंजीयन शुल्क २० अक्टूबर २०१८ को भरा गया. २३ अक्टूबर २०१८ को ऑनलाइन कैमरे के सामने नागपुर ग्रामीण आरटीओ कार्यालय के पासिंग ट्रैक पर वाहनों का पासिंग करवाया गया. बसों के नम्बर के लिए भी नियमानुसार शुल्क अदा किया जा चुका है. क्यूंकि पोर्टल के मार्फ़त शुल्क/कर नहीं लिया जा रहा था, तो उसकी कुल राशि का चेक आरटीओ के सुपुर्द किया गया.

प्राप्त कागजातों के अनुसार सभी जानकारी राज्य परिवहन विभाग,मुंबई के परिवहन आयुक्त सन्देश चौहान को आरटीओ ग्रामीण ने २६ अक्टूबर को लिखित जानकारी दी गई.सम्बंधित अधिकारी ने इस सन्दर्भ में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.

आगामी १२ नवंबर के बाद आरटीओ ग्रामीण से आरसी बुक,फिटनेस प्रमाणपत्र,वाहन परमिट आदि मिलते ही सियेट कंपनी के सम्बंधित विभाग को सुपुर्द कर दिया जाएगा. उल्लेखनीय यह है कि सियेट कंपनी,बूटीबोरी में पूजा-वैष्णवी ट्रेवल्स की १ नवंबर से उनके कर्मियों के लिए आवाजाही कर रही है. सभी बसों का स्थाई नंबर मिलने के बाद सियेट कंपनी को अधिकृत और क़ानूनी रूप से सेवा दे रही है. आरटीओ कार्यालय शुरू होते ही ऑनलाइन सेवा के तहत की गई सम्पूर्ण प्रक्रिया को स्वीकृति दे दी जाएंगी, जिसके बाद आरटीओ सभी बसों की आरसी बुक प्रिंट होते ही पूजा-वैष्णवी ट्रेवल्स के संचालक को प्राप्त होते ही सियेट कंपनी के सुपुर्द कर दिया जाएगा. दरअसल ये तकनीकी खामियां है जिसकी वजह से पूजा-वैष्णवी ट्रेवल्स की बसों को बोगस सिद्ध करने की कोशिशें की गई. सरकारी पोर्टल की खामियों की वजह से उक्त ट्रेवल्स के संचालक सह अन्यों को भी कई प्रकार की अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है.

Advertisement
Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.