Published On : Tue, Sep 3rd, 2019

बेजुबानो के साथ क्रूरता : राष्ट्रवादी के एमएलसी प्रकाश गजभिए ने बाप्पा की विशाल मूर्ति को बैलगाड़ी से खिंचवाया

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नागपुर: पशु क्रूरता को लेकर देश के सभी एनजीओ और आम नागरिको में भी जागरूकता देखने को मिल रही है. तो वही कई राजनेता ऐसे भी है जिनके आंखो के सामने पशुओ पर अत्याचार होता है और वे इनकी तकलीफ समझने की बजाएं जल्लोष में डूबे रहते है. ऐसे ही एक मामले में 2 सितम्बर को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के एमएलसी प्रकाश गजभिये द्वारा सबसे ऊँची गणेश की मूर्ति अंबाझरी स्थित हिलटॉप में स्थापित की गई है. इस भारी भरकम मूर्ति को बैलगाड़ी से लाया गया. चितारोली से हिलटॉप का अंतर् करीब 8.2 किलोमीटर है. इसमें मौजूद सभी नागरिक जल्लोष मना रहे थे. जबकि इन बेजुबान बैलो की तकलीफ किसी को भी दिखाई नहीं दी. शहर की पशु प्रेमी अंकिता शाह ने इस मामले को उसी दौरान उठाया और एमएलसी प्रकाश गजभिये पर पशु क्रूरता अधिनियम के प्रावधानों के तहत ड्राफ्ट एंड पैक एनिमल्स रूल्स 1965 के तहत कार्रवाई की मांग की है.

अंकिता शाह ने ‘ नागपुर टुडे ‘ को बताया की उन्होंने 2 सितम्बर को निकाली गई रैली को देखा. जिसमे गणपति की बड़ी मूर्ति थी. चितारोली से लेकर हिलटॉप तक कई ऊँचे ऊँचे रास्ते है. इस दौरान उन्होंने जुलुस में तैनात एक पुलिस से कहा की गाडी से बैलो को हटाए और दूसरे चारपहिया वाहन से गणेश की मूर्ति लेकर जाए. लेकिन नेता की रैली होने की वजह से उन्होंने कोई भी मदद नहीं की.

जिसके बाद अंकिता ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की तो वहां से झोन की डीसीपी विनीता साहू को उनकी शिकायत भेज दी गई. उसके बाद डीसीपी का फोन आया और उन्होंने मदद करने और कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. उस रैली में मौजूद एपीआई से उन्होंने संपर्क किया. अंकिता को उनके पास फ़ोन आया और एपीआई ने बताया की गाडी मालिक से उनकी बात हुई है और उसका कहना है की बैल इतना वजन उठाने के लिए सक्षम है. उसके बाद एपीआई ने कहा की अगर आपको फिर भी शिकायत है पुलिस स्टेशन में जाए और शिकायत दर्ज करे.

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अंकिता ने बताया की मालिक ने बैलो को पानी भी नहीं दिया था. उन्होंने कहा की मूर्ति इतनी बड़ी थी की उन्हें 4 से 5 घंटे लग गए. इस दौरान बैलो को आराम भी नहीं दिया गया. यह बहोत ही डरावना दृश्य था. उन्होंने इस मामले में क्रूरता निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत मसौदा और पैक पशु नियम, 1965 के तहत कार्रवाई की मांग की है. इस दौरान पुलिस भी मूकदर्शक बनी रही.

अंकिता ने भारत के पशु कल्याण बोर्ड से तुरंत मामले का संज्ञान लेने और रैली में मौजूद पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने मांग की है किसी भी तरह की रैली में जानवरो के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाए. इस मामले में ‘नागपुर टुडे ‘ की ओर से नेता प्रकाश गजभिये से संपर्क किया गया तो उन्होंने इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से मना कर दिया.

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