Published On : Mon, Jun 5th, 2017

अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस पर भी नहीं हो पाए शहर के पेड़ अवैध बैनर मुक्त


नागपुर:
 विश्व पर्यावरण दिवस पर सभी ओर पेड़ों को बचाने की कवायद शुरू है. निजी से लेकर छोटे बड़े सभी सरकारी विभागों मे पर्यावरण संवर्धन की आवश्कयता कार्यक्रमों के माध्यम से दर्शाया जाता है. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी इस दिशा में हर संभव प्रयास किया जा रहा है. लेकिन नागपुर शहर में अपने स्वार्थ के लिए कंपनियां और व्यवसायिक प्रतिष्ठान पर्यावरण दिन पर नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए शहर के पेड़ों पर बैनर लगाए गए हैं. पेडों पर लगे ये बैनर अवैध हैं . घाट रोड, सिविल लाइन, धरमपेठ के साथ ही शहर के सभी जगहों पर सड़क किनारे बैनर लगे इन पेड़ों को देखा जा सकता है. कई बैनर तो पांच से दस वर्षों से लगे हुए हैं.

ऐसे में पर्यावरणसेवी संस्था ग्रीन वीजील ने इन पेड़ों को बचाने के लिए पहर की है. पेड़ों पर लगे इन अवैध विज्ञापन वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. जिसके लिए मनपा आयुक्त को निवेदन दिया गया है. मनपा आयुक्त ने भी इस समस्या पर गंभीरता से विचार करते हुए दस जोन के सहायक आयुक्तों को यह निर्देश दिए हैं कि वे अपने जोन के अन्तर्गत आनेवाले पेड़ों पर बैनर लगानेवालों पर कार्रवाई करे और उनसे जुर्माना वसूल. साथ ही पेड़ों पर लगे विज्ञापन भी हटाए गए. इस बारे में धरमपेठ महानगरपालिका जोन के सहायक आयुक्त एम.एल. मोरोने ने बताया कि 28 मई से नागपुर महानगर पालिका द्वारा दस जोन के अंतर्गत कार्रवाई शुरू की गई है. अब तक धरमपेठ जोन के अंतर्गत करीब 45 हजार लोगों को कार्रवाई का नोटिस दिया गया है. वहीं 10 से 12 हजार रुपए का जुर्माना भी वसूल किया गया है. उन्होंने बताया कि अवैध बैनर के लिए मनपा 100 रुपए प्रति दिन के हिसाब से जुर्माना वसूलती है. लेकिन अब मनपा को यह पता नहीं था कि कौन सा विज्ञापन कब लगाया गया था. जिसके कारण किसी को 7 दिन का जुर्माना, तो किसी को 10 दिनों का जुर्माना लगाया गया है.

पर्यावरण दिन के अवसर पर और शहर में पेड़ो पर विज्ञापन के बारे में ग्रीन विजिल संस्था के संस्थापक कौस्तुभ चटर्जी ने अपनी राय देते हुए कहा कि पर्यावरण और पेड़ो को बचाना सभी नागरिकों का कर्तव्य है और ऐसे में अगर अपने फायदे के लिए इन पेड़ों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, तो ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.