Published On : Mon, Sep 20th, 2021

राष्ट्रीय अभियंता दिवस मनाया गया

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काटोल– स्थानीय अरविन्द इंडो पब्लिक स्कूल में 15 सितम्बर के दिन राष्ट्रीय अभियंता दिवस ऑनलाइन मनाया गया इसी दिन भारत के महान अभियंता एवंं भारत रत्न मोक्ष गुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म हुआ था। विश्वेश्वरैया को आधुनिक भारत के विश्वकर्मा के रूप में बड़े सामान के साथ स्मरण किया जाता है।

इंजीनियर्स डे अन्य देशों में भी अलग अलग तिथि को मनाया जाता है। महान इंजीनियर विश्वेश्वरैया (VISVESVARAYA) का जन्म 15 सितम्बर 1860 में मैसूर रियासत में हुआ। चिकबल्लापुर से इन्होंने प्रायमरी स्कूल की पढ़ाई पूरी की, और आगे की पढ़ाई के लिए वे बैंगलोर चले गए। मद्रास युनिवर्सिटी के सेन्ट्रल कॉलेज से बी.ए. की परीक्षा पास की। पुणे के साईंस कॉलेज से LCE और FCE की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। (ये परीक्षा आज के समय BE की तरह हैं। नासिक में सहायक अभियंता के रूप में कैरियर की शुरुआत की। उन्होंने सिन्धु नदी से पानी की सप्लाई सुक्कुर गाँव तक करवायी। साथ ही एक नई प्रणाली ‘ब्लाक सिस्टम’ से सिंचाई की शुरुआत की।

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उन्होंने बांध में इस्पात के दरवाजे लगवाए ताकि बांध के पानी के प्रवाह को आसानी से रोका जा सके। मैसूर में कृष्णराज सागर बांध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1903 में पुणे के खडकवासला जलाशय में बांध बनवाया इसके दरवाजे बाढ़ के दबाव को भी झेल सकते थे। इसके बाद ग्वालियर में तिगरा बांध एवं कर्नाटक के मैसूर में कृष्णाराजा सागर का निर्माण किया गया।

1906 – 07 में भारत सरकार ने उन्हें जल आपूर्ति और जल निकासी व्यवस्था की पढ़ाई के लिए ‘अदेन’ भेजा। उनके द्वारा बनाये गए प्रोजेक्ट को अदेन में सफलतापूर्वक कार्यान्वित किया गया। उनके मार्गदर्शन में अनेक फैक्ट्रियों एवं शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना हुई। तिरूमला एवं तिरूपति के बीच सड़क निर्माण योजना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे एक आदर्शवादी, अनुशासन प्रिय व्यक्ति थे। शुद्ध शाकाहारी थे और नशे से दूर थे। 92 वर्ष की उम्र में भी वे बिना किसी के सहारे के चलते थे। भारत के विकास में आने वाली हर रूकावट को दूर करते हुए अपनी अद्भूत सेवाएं दी।

अरविन्द इंडो पब्लिक स्कूल के प्राचार्य राजेन्द्र मिश्र ने सेकेण्डरी स्कूल के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी कि क्यों हमारे देश में महान इंजीनियर भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म दिन राष्ट्रीय अभियंता दिवस के रूप में मनाया जाता है। विद्यार्थियों ने भी अपने विचार स्कूल के साथ साझा किये। उन्होंने संस्था के अध्यक्ष श्री रणजीत बाबू देशमुख एवं डॉ. आशिष देशमुख का भी अभिनंदन किया।

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