नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 17 सितंबर 2026 को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में जन्मे नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर देश की राजनीति के सबसे चर्चित अध्यायों में से एक रहा है।
इस जन्मदिन के साथ मोदी के सार्वजनिक जीवन का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव भी जुड़ गया है। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने संवैधानिक पद पर अपनी यात्रा शुरू की थी। इसके बाद 2014 में वे देश के प्रधानमंत्री बने और 2019 तथा 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद पर पहुंचे।
वडनगर से शुरू हुई कहानी
नरेंद्र मोदी का जन्म गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में हुआ था। प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जीवनी के अनुसार, उनका बचपन सामान्य परिस्थितियों में बीता और परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण थी।
बचपन में परिवार की मदद करने के साथ-साथ उन्होंने आगे की पढ़ाई और सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों में रुचि विकसित की। बाद के वर्षों में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और संगठन के स्तर पर लंबे समय तक काम किया।
2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने
अक्टूबर 2001 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद उन्होंने गुजरात की राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई।
लगातार कई वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान उनका राजनीतिक प्रभाव राज्य से बाहर भी बढ़ता गया। इसी दौर में वे भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं में शामिल हुए।
2014 में बदली राष्ट्रीय राजनीति
2014 का लोकसभा चुनाव नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन का बड़ा मोड़ साबित हुआ।
भारतीय जनता पार्टी को लोकसभा में स्पष्ट बहुमत मिला और 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने फिर बहुमत हासिल किया और मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद संभाला।
इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद 9 जून 2024 को नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
76वें जन्मदिन पर देशभर में कार्यक्रम
नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा की ओर से देशभर में विभिन्न सेवा और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इस वर्ष ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न कार्यक्रमों की घोषणा की गई है। इनमें सेवा गतिविधियां, युवा कार्यक्रम, जनसंपर्क अभियान और सामाजिक पहल शामिल हैं।
गुजरात में भी प्रधानमंत्री के जन्मदिन को लेकर कई कार्यक्रमों की घोषणा की गई है। इनमें हजारों पौधों का वितरण और बड़ी संख्या में दीप जलाने जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
वडनगर से वाराणसी तक
नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर में वडनगर और वाराणसी दोनों महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
वडनगर उनका जन्मस्थान है, जबकि वाराणसी उनका लोकसभा क्षेत्र रहा है। 2026 में उनके जन्मदिन के अवसर पर इन दोनों शहरों को जोड़ने वाले कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
यह सफर सिर्फ एक राजनीतिक यात्रा नहीं बल्कि भारतीय राजनीति में पिछले ढाई दशकों के बदलाव का भी हिस्सा रहा है।
मोदी युग पर अलग-अलग राय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकारों ने डिजिटल भुगतान, बुनियादी ढांचे, कल्याणकारी योजनाओं, विदेश नीति, रक्षा, अर्थव्यवस्था और प्रशासन से जुड़े कई बड़े फैसले किए हैं।
मोदी के समर्थक इन पहलों को देश में बदलाव और विकास से जोड़ते हैं। वहीं विपक्षी दलों और आलोचकों ने विभिन्न नीतियों, उनके क्रियान्वयन और सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को लेकर सवाल भी उठाए हैं।
इसलिए मोदी के कार्यकाल और उनकी राजनीतिक विरासत को लेकर देश में अलग-अलग राजनीतिक और सार्वजनिक राय मौजूद है।
17 सितंबर 2026: एक और पड़ाव
76 वर्ष की उम्र में नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री के रूप में अपने तीसरे लगातार कार्यकाल में हैं।
वडनगर में जन्म से लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री बनने तक – नरेंद्र मोदी का सफर भारतीय राजनीति के पिछले 25 वर्षों से गहराई से जुड़ा रहा है।
आज 17 सितंबर 2026 को उनका 76वां जन्मदिन इसी लंबे राजनीतिक सफर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।




