Published On : Sat, Dec 9th, 2017

बीजेपी को रामराम कहने के बाद नाना पटोले ने राजनीतिक दल बनाने के दिए संकेत

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Nana Patole in Nagpur
नागपुर: लोकसभा से इस्तीफ़ा देने वाले नाना पटोले ने भविष्य में अपना राजनीतिक दल बनाने के संकेत दिए है। शुक्रवार को इस्तीफ़ा देने के बाद नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए नाना ने कहाँ वह किसी के गुलाम नहीं थे स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे और नितिन गड़करी के कहने पर पार्टी में शामिल हुए थे । उन्हें जो सही लगा वो बोला और किसान,जनता के प्रश्नों को सरकार के समक्ष रखने का प्रयास किया लेकिन मुझे नजरअंदाज किया गया। इस्तीफ़ा देने के बाद अब मेरा प्रयास रहेगा की बीजेपी की (झूठी) सरकार कहीं न बने। अभी गुजरात चुनाव है मीडिया से ख़बर आ रही है की कांग्रेस वहाँ भाजपा को चुनौती दे रही है इसलिए वो कांग्रेस के मंच से प्रचार भी करेंगे। उन्होंने कहाँ जिस पार्टी का मै सांसद था अब उसकी सरकार भी है उसी के चुनावी घोषणापत्र में किये गए वादों को पूरा किये जाने की बात मै सरकार से कर रहा था। बतौर सांसद प्राप्त अधिकार का इस्तेमाल कर मैंने विदर्भ विदर्भ राज्य का प्रस्ताव संसद में रखने का प्रयास किये जिसका प्रधानमंत्री के साथ पार्टी के अन्य नेताओं ने विरोध किया। जब प्रधानमंत्री को किसानों की समस्या बताई तो वो मुझ पर गुस्सा हो गए।

किसान कर्जमुक्ति के नाम पर मुख्यमंत्री ने यादों की ख़ैरात बांटकर किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया। किसान की पत्नियों को कई दिनों तक कतार में खड़ा रहने के लिए मजबूर किया गया। यही सरकार जब अंबानी-अदानी,माल्या जैसे उद्योगपतियों का कर्जा माफ करती है तब उसमे इतनी हिम्मत होनी चाहिए की वो इनकी पत्नियों को भी कतार में खड़ा करे। मैंने मुख्यमंत्री से कहाँ भी था की अगर आप के पास फंड न हो तो आप जनता के बीच जाकर स्थिति बताईये आप की ईमानदारी पर सरकार भरोषा करेगी। प्रधानमंत्री कहते है की उनके कार्यकाल में कोई घोटाला नहीं हुआ यह गलत है नोटबंदी अपने आप में बडा घोटाला है। जिनके पास काला धन था उन्हें उनका पैसा सफ़ेद करने का मौका मिला हजारों उद्योग बंद हो गए लाखों नौकरियाँ चली गयी क्या यह घोटाला नहीं है। मेरे अनुभव से कह सकता हूँ केंद्र सरकार में जो चल रहा है वह संविधान के हिसाब से नहीं है। ये तो बस शुरुवात है आगे-आगे देखिये होता है क्या, नाना ने बीजेपी के उस दावे को भी ख़ारिज किया जिसमे कांग्रेस के कहने पर उनके द्वारा इस्तीफ़ा देने का आरोप लगाया गया।

अब तक नहीं लिया कोई फैसला लेकिन भविष्य में बना सकता हूँ अपनी पार्टी
नाना पटोले के मुताबिक उन्होंने भविष्य की राजनीति के लिए अभी कोई फैसला नहीं लिया है। उनका पहला लक्ष्य गुजरात में बीजेपी को आने से रोकना है इसलिए वो वहाँ प्रचार के लिए भी जाने वाले है। जनता ने उन्हें चुनकर जनप्रतिनिधी बनाया है इसलिए जनता के बीच जाकर विचार विमर्श करके कोई फैसला लेंगे। यह भी हो सकता है की भविष्य में अपना ही राजनीतिक दल बना ले। विदर्भ भर में दौरा कर वह जनता से संवाद करेंगे इसके बाद ही कोई फैसला लेंगे।

पार्टी ने मुझे अछूत माना,इनसे अच्छी तो कांग्रेस थी
नाना पटोले ने कांग्रेस की तारीफ़ करते हुए कहाँ की जब वो कांग्रेस से विधायक थे तो केंद्र सरकार द्वारा की गई कर्जमाफ़ी के विरोध में पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। उस समय पार्टी के नेता उन्हें समझने में लगे थे। यहाँ वह अपनी बात रखने के लिए बीते एक महीने से चिल्ला रहे थे लेकिन कोई उनकी बात सुनने को तैयार नहीं था। पार्टी ने उन्हें अछूत मान लिया था प्रधानमंत्री के डर से पार्टी का कोई नेता उनसे बात करने को तैयार नहीं था। मै तो वही बातें कह रहा था जिसका वादा पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में जनता से किया था मैंने यह घोषणपत्र नहीं बनाया था अब तो जनता से किये गए सभी वादे जुमला साबित हो रहे है।

दानवे महान, मुझ पर हमला कर वो अपनी नौकरी बचा रहे है
नाना पटोले के इस्तीफ़े के बाद बीजेपी प्रदेशध्यक्ष राव साहब दानवे ने इसे नौटंकी करार देते हुए कहाँ था की उन्होंने राजनीतिक फ़ायदे के लिए ये कदम उठाया है। इस आरोप का जवाब देते हुए नाना ने कहाँ अभी उनके कार्यकाल को डेढ़ साल का वक्त बचा है फिर भी उन्होंने इस्तीफ़ा देने की हिम्मत दिखाई। दानवे किसानों के पैरो पर गोली मारने और साले कहने की हिम्मत दिखते है वह महान है ऐसा मै नहीं कर सकता। मुझ पर बोलकर वह अपना पद बचाने के लिए ड्यूटी निभा रहे है।

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