Published On : Thu, Dec 8th, 2016

नागपुर शीत सत्र : विस में गूंजा 21 मरीजों की मौत का मामला, होगा डेथ आॅडिट!

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Vidhan Bhavan
नागपुर:
नागपुर में चल रहे विधान सभा के शीत सत्र के चौथे दिन गुरुवार को नागपुर के पागलखाना चौक स्थित प्रादेशिक अस्पताल में 21 मरीजों की मौत का मामला गर्मा गया। इस मुद्दे पर मचे हंगामे के बीच राज्य के सार्वजानिक स्वास्थ्य और परिवार नियोजन मंत्री डॉक्टर दीपक सावंत ने लिखित जवाब में आश्वासन दिया कि इन 21 मृत मरीजों का डेथ आॅडिट होगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री से अस्पताल में व्याप्त अनियमितताओं के संबंध में भी सवाल किए गए थे।

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत नागपुर प्रादेशिक अस्पताल के संदर्भ में नागपुर के भाजपा विधायक मिलिंद माने, सुधाकर कोहले, सुधाकर देशमुख, कृष्णा खोपडे, विकास कुंभारे और सपा विधायक अबु आज़मी ने यह मुद्दा उठाया।

इन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से सवाल किया कि नागपुर स्थित प्रादेशिक अस्पताल में 20 मरीजों की मृत्यु, अस्पताल में मरीजों का योग्य इलाज न होना, मरीजों को हाथ-पांव बांधकर सामान्य मरीजों के कक्ष में रखा जाना, अत्यावश्यक दवाओं की कमी, अस्पताल के चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों द्वारा मरीजों से मारपीट की शिकायत आदि संबंधी शिकायतें मरीजों के परिजनों ने अस्पताल के वैधकीय अधीक्षक से की हैं। अस्पताल में मनोहर आहूजा की संदेहास्पद ढंग से मृत्यु से संबंधित मामलों पर सरकार का जवाब मांगा।

राज्य के सार्वजानिक स्वास्थ्य और परिवार नियोजन मंत्री डॉक्टर दीपक सावंत ने लिखित जवाब दिया कि उक्त अस्पताल में 940 बेड हैं। 622 मरीज हैं, जिसमें से 328 पुरु ष और 294 महिला हैं। इस अस्पताल में अप्रैल 2016 और नवम्बर 2016 तक भर्ती हुए 21 मरीजों की मृत्यु हुई। मनोहर आहूजा को सिजोफ्रेनिया नाम की बीमारी थी। उसके लिए उसे उपयुक्त दवा देने से हिंसक हो जाता था, इसलिए नहीं देने के कारण उसकी 22 अगस्त 2016 को मृत्यु हो गई। उसकी मृत्यु के बाद कार्यकारी दंडाधिकारी ने पंचनामा किया। पंचनामा में जानकारी मिली कि उसकी मृत्यु नैसर्गिक हुई। उसकी मृत्यु के दिन ही नागपुर के इंदिरा गांधी वैधकीय महाविद्यालय में उसका पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के दौरान उसके शरीर पर जख्म मिले, लेकिन पेश रिपोर्ट में दर्शाया गया कि उसकी जख्म से मृत्यु नहीं हुई।

उक्त मामले के सन्दर्भ में दो सदस्यीय समिति की गठित की। समिति की जांच में पाया गया कि मृतक के शरीर पर जख्म अन्य मरीजों से झगड़ने के कारण हुए। इस मारपीट में आहूजा की धमनियों में गठान आ गई थी। आहूजा के दिल और दोनों किडनी के अवयव का नमूना आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है। रिपोर्ट आने तक मृत्यु का कारण आरक्षित रखा गया है। आहूजा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को दी गई गई है। वे भी अपने स्तर से जांच कर रहे हैं। सभी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन सावंत ने दिया है।

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उन्होंने जानकारी दी कि बीच में कुछ समय अस्पताल से संबंधित दवा का उत्पादन नहीं हो रहा था, इसलिए दिक्कत थी. आज भरपूर दवा है. अस्पताल के नियुक्त विजिटर समिति, जिसके अध्यक्ष मजिस्ट्रेट होते है, वे इन सभी समस्याओं की जांच एवं समीक्षा करेंगे। सभी 21 मृतकों का डेथ आॅडिट किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि महिला वॉर्ड में सीसीटीवी नहीं लगाया जाएगा। पागलखाने में मानसिक रोगियों की भर्ती उनके रिश्तेदार, पुलिस द्वारा और न्यायालय के आदेश पर की जाती है। प्रेरणा प्रकल्प के अन्तर्गत जिला स्तर पर मनोचिकित्सकों की नियुक्ति सरकारी अस्पतालों में की गई है.साथ ही 104 क्र मांक पर हेल्प लाइन शुरू की गई है.

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