
नागपुर : नागपुर शहर में संभावित जल संकट को देखते हुए महानगरपालिका प्रशासन ने पेयजल के दुरुपयोग पर सख्ती करने का फैसला लिया है। मनपा आयुक्त डॉ. विपीन ने शनिवार को आपात बैठक लेकर शहर के सभी वाहन वॉशिंग सेंटर और स्विमिंग पूल की गहन जांच करने के निर्देश दिए। पेयजल का नियमों के विरुद्ध इस्तेमाल या पानी की बर्बादी पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पेयजल का उपयोग गाड़ी धोने, सड़क की सफाई, बागवानी और निर्माण कार्यों में करते पाए जाने पर प्रत्येक घटना में ₹5,000 तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
छत्रपति शिवाजी महाराज प्रशासनिक भवन स्थित आयुक्त सभा कक्ष में हुई बैठक में अतिरिक्त आयुक्त अंकित, अतिरिक्त आयुक्त मुरुगंथम एम., मुख्य अभियंता लीना उपाध्ये, अधीक्षक अभियंता राजेश दुफारे, सभी सहायक आयुक्त, कार्यकारी अभियंता श्रीकांत वाईकर और OCW के कुशल अतकरे सहित जलप्रदाय विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
जलाशयों में केवल 58% पानी, प्रशासन अलर्ट
इस वर्ष कम बारिश के कारण नागपुर को पेयजल उपलब्ध कराने वाले जलाशयों में फिलहाल केवल 58 प्रतिशत जल भंडार शेष है। संभावित संकट को देखते हुए मनपा प्रशासन ने पानी की बचत, वैकल्पिक जल स्रोतों के उपयोग और वितरण व्यवस्था में होने वाली बर्बादी रोकने पर जोर दिया है।
वॉशिंग सेंटर और स्विमिंग पूल की होगी जांच
आयुक्त ने अधिकारियों को शहर के सभी वाहन वॉशिंग सेंटर और स्विमिंग पूल की जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान पेयजल के अत्यधिक या नियमविरुद्ध इस्तेमाल और पानी की बर्बादी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पेयजल का उपयोग वाहन धोने, सड़क धोने, बागवानी या निर्माण कार्यों में किए जाने पर प्रत्येक उल्लंघन के लिए ₹5,000 तक जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों और मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अवैध नल कनेक्शन पर कार्रवाई, मीटर से छेड़छाड़ पर FIR
मनपा प्रशासन अवैध नल कनेक्शनों के खिलाफ भी अभियान चलाएगा। शुरुआत में जोनल कार्यालयों में शिविर लगाकर अवैध कनेक्शनों को नियमित कराने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद संबंधित कनेक्शनों पर मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मीटर से छेड़छाड़ करने या मीटर निकालने के मामलों में पुलिस में अपराध दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान भी अवैध कनेक्शनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
कुओं पर सोलर पंप, गैर-पेय कार्यों में होगा पानी का इस्तेमाल
पेयजल पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए मनपा सार्वजनिक कुओं को वैकल्पिक जल स्रोत के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। इसके तहत कुओं की सफाई, पानी की गुणवत्ता की जांच और महाराष्ट्र ऊर्जा विकास अभिकरण (MEDA) की मदद से सोलर पंप लगाने की योजना है।
इस व्यवस्था से मिलने वाले पानी का इस्तेमाल वाहन धोने और बागवानी जैसे गैर-पेय कार्यों में किया जा सकेगा, जिससे पीने के पानी की बचत होगी।
रेनवॉटर हार्वेस्टिंग और रीसाइकल पानी पर जोर
बैठक में भूजल संरक्षण और वैकल्पिक जल स्रोतों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। भूजल सर्वेक्षण एवं विकास एजेंसी (GSDA) के मार्गदर्शन में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने और कुओं तथा बोरवेल को पुनर्जीवित करने की योजना बनाई जाएगी।
इसके अलावा, उपयुक्त स्थानों पर विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित कर उपचारित पानी का इस्तेमाल उद्यानों, सड़क डिवाइडरों पर पौधों की सिंचाई और निर्माण कार्यों में किया जाएगा।
लीकेज तुरंत ठीक करने के निर्देश
मनपा आयुक्त ने जलवाहिनियों में होने वाले लीकेज की तत्काल मरम्मत करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन का उद्देश्य पानी की बर्बादी रोकना, उपलब्ध जल भंडार का बेहतर प्रबंधन करना और गर्मी के मौसम से पहले शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाना है।




