
नागपुर टुडे : साइबर अपराधियों ने क्रिप्टो करेंसी में भारी मुनाफे का लालच देकर नागपुर के एक कपड़ा व्यापारी से 54 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। करीब नौ महीने तक चली इस सुनियोजित धोखाधड़ी में एक महिला समेत कई आरोपियों ने व्यापारी को निवेश के नाम पर अपने जाल में फंसाया और लाखों रुपये ऐंठ लिए। मामले में साइबर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, जरीपटका स्थित वसंतशहा चौक निवासी कपड़ा व्यापारी नरेश सुंदरदास जेठानी (37) से जुलाई 2025 में सोशल मीडिया के माध्यम से अमायरा खंडेलवाल नामक महिला ने संपर्क किया। बातचीत के दौरान उसे क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग में कम समय में कई गुना मुनाफा कमाने का भरोसा दिलाया गया। धीरे-धीरे गिरोह के अन्य सदस्य भी उससे जुड़े और निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित करने लगे।
शुरुआत में नरेश ने 60 हजार रुपये का निवेश किया। कुछ ही समय बाद ऑनलाइन पोर्टल पर उसके खाते में 98 लाख 85 हजार रुपये का मुनाफा दिखाया जाने लगा। भारी लाभ देखकर उसका भरोसा बढ़ गया। हालांकि बाद में पता चला कि यह पूरा पोर्टल और निवेश खाता फर्जी था, जिसे निवेशकों को भ्रमित करने के लिए तैयार किया गया था।
जब व्यापारी ने अपने कथित मुनाफे की राशि निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा कराने की मांग शुरू कर दी। अलग-अलग बहाने बनाकर लगातार पैसे मंगाए गए। मुनाफे के लालच में आकर नरेश ने कुल 54 लाख 21 हजार 100 रुपये विभिन्न बैंक खातों में जमा कर दिए।
इसके बावजूद आरोपियों ने और रकम जमा करने का दबाव बनाना जारी रखा। लगातार बढ़ती मांगों और रकम वापस नहीं मिलने पर व्यापारी को संदेह हुआ। इसके बाद उसने साइबर पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
साइबर पुलिस ने अमायरा खंडेलवाल, महेंद्र खंडेलवाल, हैदराबाद निवासी बलबीर सिंह समेत अन्य सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश प्रस्तावों और कम समय में अत्यधिक मुनाफे के दावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी निवेश से पहले प्लेटफॉर्म और कंपनी की वैधता की पूरी जांच करना आवश्यक है।







