नागपुर: महाराष्ट्र के चंद्रपुर और नागपुर से जुड़ा हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि चंद्रपुर में प्रेमिका की हत्या करने के बाद आरोपी शिक्षक ने शव को करीब 24 घंटे तक अपनी कार की डिक्की में छिपाकर रखा। इसके बाद वह शव को नागपुर के हिंगणा स्थित अपने खाली मकान में ले गया और वहां गड्ढा खोदकर दफना दिया। पुलिस से बचने के लिए उसने मृतका का मोबाइल फोन भी रेलवे की एक सुरंग में फेंक दिया। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच और कॉल डिटेल के आधार पर मामले का खुलासा हो गया। पुलिस ने आरोपी शिक्षक संतोष साखरकर को गिरफ्तार किया है।
प्रेम संबंध के बीच विवाद, हत्या का आरोप
मृतका की पहचान 45 वर्षीय वैशाली विलास टिपले, निवासी चंद्रपुर, के रूप में हुई है। वहीं, आरोपी की पहचान 49 वर्षीय संतोष भगवान साखरकर के रूप में हुई है, जो पेशे से शिक्षक बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच प्रेम संबंध थे।
जांच के मुताबिक, 14 अक्टूबर को किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी दौरान संतोष ने किसी भारी वस्तु से वैशाली की छाती पर वार कर दिया। इस हमले में उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने शव को अपनी कार की डिक्की में छिपा दिया।
चंद्रपुर से हिंगणा लाकर खाली मकान में दफनाया शव
आरोप है कि 15 अक्टूबर को संतोष शव को कार में रखकर चंद्रपुर से नागपुर के हिंगणा पहुंचा। यहां आधार नगरी क्षेत्र में स्थित उसके कई वर्षों से खाली पड़े मकान के पीछे एक कमरे में उसने गड्ढा खोदा और शव को दफना दिया। शक से बचने के लिए उसने गड्ढे के ऊपर फरशी भी लगा दी। इसके बाद आरोपी वापस चंद्रपुर लौट गया।
पुलिस के मुताबिक, वापसी के दौरान आरोपी ने मृतका का मोबाइल फोन रेलवे की एक सुरंग में फेंक दिया, ताकि जांच के दौरान पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।
मोबाइल की कॉल डिटेल से पुलिस आरोपी तक पहुंची
वैशाली के लापता होने की शिकायत मिलने के बाद चंद्रपुर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान मोबाइल फोन से जुड़े सुराग और कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। पूछताछ में पुलिस के अनुसार, संतोष ने हत्या की बात स्वीकार की और शव को हिंगणा स्थित मकान में दफनाने की जानकारी दी।
रात डेढ़ बजे खुदाई में मिला शव
17 अक्टूबर की रात चंद्रपुर पुलिस आरोपी को लेकर हिंगणा पहुंची। स्थानीय पुलिस और तहसील प्रशासन की मौजूदगी में बताए गए स्थान पर खुदाई शुरू की गई। पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।
रात करीब डेढ़ बजे गड्ढे से वैशाली का शव बाहर निकाला गया। पंचनामा करने के बाद शव चंद्रपुर पुलिस को सौंप दिया गया।
पुलिस कर रही आगे की जांच
फिल्म ‘दृश्यम’ की तरह शव छिपाकर पुलिस से बचने की कथित कोशिश के बावजूद, तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस की जांच से मामले का खुलासा हो गया। फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच भी जारी है।




