Published On : Sat, Oct 24th, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

नागपुर में सड़ी सुपारी के कारोबार पर ग्रामीण पुलिस का बड़ा प्रहार

वडोदा थाना क्षेत्र में गोदाम पर छापा, चार से पांच ट्रक सुपारी जब्त किए जाने की जानकारी; FDA की टीम के साथ आगे की जांच
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नागपुर में सड़ी सुपारी के कारोबार पर ग्रामीण पुलिस का बड़ा प्रहार

नागपुर। महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर में कथित तौर पर सड़ी और खराब सुपारी के बड़े कारोबार को लेकर नागपुर ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई से इस नेटवर्क में खलबली मच गई है। वडोदा पुलिस थाना क्षेत्र में पुलिस ने छापेमारी कर कई ट्रकों में लदी सुपारी जब्त की है। कार्रवाई के दौरान एक गोदाम पर भी कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। जब्त सुपारी की सही मात्रा, उसकी गुणवत्ता, बाजार मूल्य और कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार के मार्गदर्शन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक शशांत गौड़ा के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की टीम को भी जांच के लिए बुलाया है। पुलिस और FDA की संयुक्त जांच के बाद ही सुपारी की वास्तविक स्थिति, उसके इस्तेमाल और कथित अवैध कारोबार की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

नागपुर टुडे से बातचीत में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि कुछ सड़ी सुपारी जब्त की गई है और FDA की टीम को बुलाया गया है। दोनों विभाग मिलकर आगे की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही जब्ती की मात्रा, संबंधित कारोबारियों और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आ सकेगी।

नागपुर से दूसरे राज्यों तक फैले कारोबार की जांच
इस मामले में सामने आ रही जानकारी के अनुसार, खराब सुपारी की आपूर्ति नागपुर तक सीमित नहीं है। आरोप है कि नागपुर को केंद्र बनाकर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, कानपुर और अन्य राज्यों तक सुपारी भेजी जाती है। हालांकि, इस कथित नेटवर्क का वास्तविक आकार, आपूर्ति की मात्रा और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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सुपारी के कारोबार से जुड़े सूत्रों का दावा है कि इंडोनेशिया, म्यांमार और कर्नाटक से आने वाली खराब गुणवत्ता की सुपारी की खरीद-बिक्री का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। आरोप यह भी हैं कि नागपुर में रोजाना बड़ी संख्या में ट्रकों के माध्यम से सुपारी पहुंचाई जाती है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

पुलिस की मौजूदा कार्रवाई को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि जांच का दायरा केवल एक गोदाम या कुछ ट्रकों तक सीमित रहने के बजाय सुपारी की खरीद, परिवहन, भंडारण, बिलिंग और आगे की आपूर्ति तक बढ़ सकता है। यदि दस्तावेजों में गड़बड़ी या खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।

खराब सुपारी से बनने वाले उत्पादों पर भी उठेंगे सवाल
खराब या दूषित सुपारी के इस्तेमाल को लेकर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताएं हैं। सुपारी और तंबाकू वाले कई उत्पादों का सेवन मुंह के कैंसर तथा अन्य गंभीर बीमारियों के जोखिम से जुड़ा है। ऐसे में यह जांच महत्वपूर्ण हो जाती है कि जब्त सुपारी किस गुणवत्ता की है, क्या वह मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त है और क्या उसे किसी खाद्य उत्पाद के निर्माण में इस्तेमाल किया जाना था।

सूत्रों के अनुसार, जांच में यह भी पता लगाया जा सकता है कि संबंधित सुपारी का इस्तेमाल रजनीगंधा, विमल, पान पराग, मीठी सुपारी या अन्य उत्पादों के निर्माण अथवा आपूर्ति के लिए किया जाना था या नहीं। फिलहाल किसी विशिष्ट ब्रांड या निर्माता का जब्त माल से संबंध आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है। इसलिए इस पहलू की पुष्टि खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच और संबंधित दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही की जा सकेगी।

फर्जी GST बिलिंग के आरोपों की भी पड़ताल जरूरी
इस कथित कारोबार को लेकर फर्जी GST बिल और कर चोरी के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि सुपारी की खरीद-बिक्री और परिवहन के लिए कथित तौर पर गलत या फर्जी बिलों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान हो सकता है।

सूत्रों ने कर्नाटक के एक व्यक्ति, जिसे शेट्टी नाम से बताया जा रहा है, और इंदौर में निखिल नामक व्यक्ति का उल्लेख किया है। हालांकि, इन व्यक्तियों की भूमिका, उनके व्यावसायिक संबंधों और किसी कथित फर्जी बिलिंग नेटवर्क में उनकी संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियों को बिल, ई-वे बिल, GST रिकॉर्ड, ट्रांसपोर्ट दस्तावेज और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की जांच करनी होगी।

यदि कर संबंधी अनियमितताओं के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित विभागों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल इस मामले में कर चोरी की राशि या किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी को लेकर कोई पुष्ट आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

कारोबारियों, गोदामों और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की भूमिका जांच के दायरे में
नागपुर में खराब सुपारी के कारोबार से जुड़े होने के आरोपों में कुछ कारोबारियों और ट्रांसपोर्ट संचालकों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है। इनमें अनिल जैन, अनूप नगरिया और शिवनाथ नामों का उल्लेख किया जा रहा है। हालांकि, इन व्यक्तियों के खिलाफ आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और उनकी भूमिका जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि सुपारी किन व्यापारियों से खरीदी गई, उसे किन गोदामों में रखा गया, परिवहन की व्यवस्था किसने की और माल किन राज्यों में भेजा जाना था। साथ ही, यदि किसी दस्तावेज में गड़बड़ी मिलती है, तो उसकी जिम्मेदारी तय करने के लिए संबंधित रिकॉर्ड की जांच आवश्यक होगी।

सूत्रों के नुसार इस मामले में किसी अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय छूटभैया नेता, तथाकथित पत्रकार या अन्य व्यक्ति की मिलीभगत के आरोप लगते राहते है ! यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की सांठगांठ, अवैध वसूली या संरक्षण के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित एजेंसियों के लिए उस दिशा में कार्रवाई करना महत्वपूर्ण होगा।

FDA की जांच से खुलेगा सुपारी की गुणवत्ता का राज
पुलिस की कार्रवाई के बाद अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच पर विशेष नजर रहेगी। सुपारी के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता, संभावित मिलावट, खराब होने की स्थिति और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच की जा सकती है। जांच के निष्कर्षों से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि जब्त माल के संबंध में कौन-से कानूनी प्रावधान लागू होते हैं।

इसके साथ ही पुलिस परिवहन दस्तावेजों, गोदामों के रिकॉर्ड, खरीद-बिक्री के बिल और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर सकती है। जरूरत पड़ने पर अन्य विभागों के साथ समन्वय कर कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

अब आगे क्या?
वडोदा थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई ने खराब सुपारी की आपूर्ति और भंडारण से जुड़े सवालों को फिर सामने ला दिया है। अब सबसे अहम सवाल यह है कि जब्त माल कहां से आया था, उसकी अंतिम आपूर्ति कहां होनी थी, बिलिंग में कोई गड़बड़ी थी या नहीं और इस कारोबार में कितने लोग शामिल हैं।

नागपुर ग्रामीण पुलिस और FDA की संयुक्त जांच के बाद ही इन सवालों के जवाब सामने आएंगे। फिलहाल कार्रवाई की पुष्टि पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने की है और जांच जारी होने की जानकारी दी है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

– रविकांत कांबले

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